‘वो जिसे तूने था पल भर में तार-तार किया, कभी तो पूछ अब वो ऐतबार कैसा है.. छोड़, जाने दे, आज तेरी बात करते हैं, वो तेरे दिल में जो रहता था प्यार कैसा है..’ […]

हमें प्यार की बीमारी हो गई, याद में उसके शरीर जर्जर हो गई| अब हमें चार कंधों की जरूरत नहीं, शमशान एक व्यक्ति ले जाए ऐसी मेरी शरीर हो गई| वर्ष पहले नींद छूट गई […]

सावन पर कविताओं की बहार छाई है मेरी कविता अभी तो ना तैयार होके आई है। कहती है थोड़ा और बन संवर लूं … अच्छी सी दिखूंगी थोड़ा और निखर लूं । सब को लिखते […]

ऐसी लागी लगन सावन की मुझे, मैं तो घड़ी-घड़ी कविता बनाने लगी.. कभी सोते हुए कभी जगते हुए, बेखयाली में कुछ गुनगुनाने लगी.. गजलों में मगन, नज्म़ों में मगन, कल्पनाओं में दुनियां बसाने लगी.. छोंड़ा […]

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ नकाब ही नकाब है। यह कैसा मातम आज शायरो पे आया है।। ना नज्म है ना ग़ज़ल है ना नातशरीफ है। मौसम भी कुछ कुछ शायरों से ख़फा है।। गुलशन में […]

दुनिया के अनजाने भीड़ भाड़ में हम ऐसे अकेले आ खड़े हैं, कोई समझे न कोई अपना अंक ये कैसी मुश्किल से जूझ रहे हैं। दुनिया और अपनी इस जंग में यारों सत्यम की लड़ाई […]

कविता- प्यार है या जख्म ————————– क्या कसूर था मेरा, बस आके एक बार बता जा| खुश है- आ उन्नीस बरस का प्यार बता जा| करले तुलना प्यार से अपने, अब पूछो जरा मन सम्मान […]

आज तोड़ दी मैंने पीली पत्तियां पौधों से उसी तरह जैसे मैं दिल से बेदखल हुई थी तुम्हारे ! हरी पत्तियों पर जब पड़ती हैं ओस की बूंदें तो तुम्हारे होंठों पर टूटते गुलाब याद […]

बिटिया रानी बाज़ार गयी छोटा सा सामान लेने को, लौटी तो लगी उदास सी कुछ पूछा तो हो गई रोने को। दादी माँ ने पुचकारा फिर बोलो गुड़िया क्या हुआ तुम्हें, कहीं किसी ने कुछ […]

दोस्ती ना सही, दुश्मनी तो मत निभाओ। चार बातें बनाकर, यूं ठहाके तो मत लगाओ। यूं तो दिल सबका दुखता है, उसे और ना दुखाओ। माना तुम काबिल हो , अपने मुकाम पर। मगर मेरी […]

क्या है आरक्षण और क्यों है आरक्षण ? क्यों हमें जाति के नाम पर अलग करते हो ? जब देखो तब हम युवाओं का बँटवारा करते रहते हो.. सवर्ण के हों इतने नंबर तब ही […]

जब तलक राह में आपके गम की छाया न हो तब तलक, आप महसूस कैसे करोगे स्वाद इसका है बिल्कुल अलग। जब तलक कोई ठोकर तुम्हें गिराती नहीं भूमि पर, तब तलक किस तरह इल्म […]

ज़िन्दगी के कुछ पल बदलना चाहता हू काश रोक लिया होता तुम्हे तोह हालत कुछ और होते मुहब्बत तुम्हारे सपनो के आगे बहुत छोटी थी इसलिए तुम्हे जाने दिया तुम्हे मुझे गलत समझने का कारण […]

किसी को भी किसी से प्यार कैसे हो जाता है, किसी पर भी ये दिल जांनिसार कैसे हो जाता है, कैसे ये दिल किसी की एक झलक को तरसने लगता है, और कैसे एक अजनबी […]

अपनी सुताओ को वह ज्ञान दे दे माँ की तरह उन्हें भी थोङा प्यार वो दे दे। दोष उनका क्या जो हदन में अकेले हैं दूर सुत उनका क्यूँ स्वप्नों से खेले हैं । बङी […]

मैं अंतर्मुखी हूं, इसीलिए कभी – कभी कुछ दुखी हूं, और कभी – कभी कुछ सुखी हूं । बोलने से पहले तौलती हूं, यदा – कदा मन का कह नहीं पाती, तो थोड़ी खौलती हूं […]

दुःखी क्यों होते हो मित्र मैं बढ़ रहा हूँ, तुम भाग्य से पा चुके हो में संघर्ष से पा रहा हूँ। तुम कहते हो तो रुक जाता हूँ गुमनाम हो जाता हूँ, तुम्हारे या तुम्हारे […]

आज क्यों एकांत में याद तेरी आ रही है, क्यों हुआ बेचैन यह मन क्यों उदासी छा रही है। शायद किया बेचैन तूने इसलिए ही मैं व्यथित हूँ पर करूँ क्या प्रिय मेरे तुझ से […]

एल एसी में शान्ति, विश्वास बहाली को हम प्रतिबद्ध हैं मातृभूमि की अखंडता, संप्रभुता की रक्षा को तत्पर हैं । हमारा भारत शान्ति का हिमायती, हिंसा से दूर रहता है बातचीत से ही मसले सुलझाने […]

एक परदेशी ने तुम पर भरोसा किया। तुम कपटी हुई , उससे धोखा किया ।। नारी तो होती है ममता की मूरत। क्या तुझको नहीं थी उसकी जरुरत।। ज़िन्दगी के बदले मौत का तोफा दिया। […]

तू मेरी नज्म़ बन जाए मैं तेरी नज्म़ बन जाऊं तू मेरा राग बन जाए मैं तेरा राग बन जाऊं कुछ इस तरह जुड़ जाएं अलग ना कर सके कोई तू मेरी रूह बन जाए […]

” गीता” इस संसार में, दो तरह के लोग, परवाह नहीं इस भयंकर रोग की, भागे फिरते रोज़ । दूजे वाले डरकर रहते, घर से बाहर कम निकलते, मगर मज़े की बात देखो, ……. दोनों […]

लड़की हूं लड़की होने का, दस्तूर निभा रही हूं। न जता सकी उस प्यार को, फिर भी निभा रही हूं। शौक रखती थी कुछ पाने का, अब उसे दबा रही हूं। कभी कोई सोचता नहीं, […]