बिम्ब बनाना चाहता हूँ तेरा आकाश, मगर कहाँ से शुरू करूँ सोच रहा विश्वास। सोच रहा विश्वास, इस कदर विस्तृत है तू आदि अंत का नहीं पता बस विस्तृत है तू। कहे लेखनी भानु, चमकता […]

नींद आये अगर आपकी आंख में तब समझना कि संतोष जीवन में है, नींद उड़ जाये तब सोचना आप यह, मन के भीतर भरा कोई बोझ है, या किसी बात भर गया सोच है, कहीं […]

कौन सुनाए गीत मुझे मन भाए बहुत संगीत। गुन गुन करते भँवरे ने बोला चूँ चूँ करती चिड़िया ने चहका, मन के भीतर पुष्प सा महका, जब आया मेरा मीत, मुझे मन भाये बहुत संगीत […]

ठेस न दे मुझे आली तेरी यह रंग भरी पिचकारी। श्वेत पहनकर, निकला था घर से तूने निशाना दे मारी, रंग भरी पिचकारी। मन गीला कर, तन गीला कर वसन सभी रंगों से तर कर […]

गाऊँ गीत, भरूँ रंग मन में होली मनाऊँ, प्रीतम संग में। लाल रंगाऊँ प्रीति की चोली पीत-हरे से खेल लूँ होली। रंग उड़ाओ मारो न बोली आओ ना हम संग खेलो होली। तन मन रंगों […]

ख़ामोशी की तह में, छिपा कर रखते हैं हम, अपने सारे ग़म। क्योंकि कर के कोलाहल, दिखाकर दुःख दर्द अपने नहीं मिटेंगे अन्धेरे ज़िन्दगी के। पीना ही पड़ता है, ख़ामोशी का हलाहल ज़िन्दगी के कुछ […]

नफ़रतों के बीज बोकर, प्रेम की फ़सलें उगाना। कैसे सम्भव हो सकेगा, यह जरा हमको बताना। शूल बो कर शूल उगेंगे, फूल बो कर फूल उगेंगे। यह तो प्रकृति का नियम है, इसमें कैसा है […]

वो दिन भर मेहनत करते हैं, रात को सड़कों पर शयन करते हैं। ऊपर से पाला पड़ता है, नीचे से शीत लगती है, मेहनतकश की जिंदगी, कठिन गीत लिखती है। सपने में गुनगुनाता है, रोकर […]

जफर खान की गर्लफ्रेंड (GF) नफीसा खान ने धोखा दे दिया वो जफर खान को छोड़ कर किसी और से बात करना शुरू कर दिया। अब जफर खान को ये बात बर्दाश्त नहीं हो रही […]

प्यार सच में अँधा होता है या फिर अँधा और बहरा दोनों हो जाता है, ना ही कुछ देखता है, ना ही कुछ सुनता है, बस अपनी ही जिद पर ठहरा होता है…….. ये कहानी […]

फिर मुझे अस्पताल ले गए, मेरे कुछ मेडिकल टेस्ट हुए पर मेरी रिपोर्ट ठीक थी फिर मैंने चैन की सांस ली.. 15 दिनो के बाद डॉ. से अपना चेकअप कराने लगी, मुझे टांगो में दर्द […]

माँ बनने का सफर हर औरत के जीवन का बेहद खूबसूरत सफर है, एक नन्हीं सी जान को नौ माह तक अपने गर्भ में रख पोषण व प्यार के स्पर्श से सींचना मुश्किल तो होता […]

माँ बनने के बाद बेटी होने का एहसास कितना ख़ास हो जाता है ये बस, एक माँ और बेटी ही जानते हैं। एक बेटी से माँ बनने का सफ़र कितना ख़ास होता है। कितना ख़ास […]

दिलों में बस जाए तो महोब्बत है वो, कभी पत्नी-धर्म तो कभी बहू का कर्तव्य निभाती है वो, कभी बहिन तो कभी ममता की मूरत है वो, उनके आँचल में हैं से चाँद सितारे, कभी […]

My Dear Itika तुम मेरी जिंदगी में सबसे खूबसूरत लड़की हो। इससे से भी बढ़कर तुम एक तुम मेरे प्यारी से बेटी हो। मुझे नाज है कि तुम मेरी बेटी हो। मैं उस दिन की […]

My Dear Itika My Angel, तुम से ही मेरी जिंदगी है मैं तुम्हें खुद से भी ज्यादा प्यार करती हूँ और मैं किसी भी कीमत पर तुम्हें खोना नहीं चाहती। Dear Itika जब तुम कभी […]

जीवन यापन के लिए बहुधा व्यक्ति को वो सब कुछ करना पड़ता है , जिसे उसकी आत्मा सही नहीं समझती, सही नहीं मानती । फिर भी भौतिक प्रगति की दौड़ में स्वयं के विरुद्ध अनैतिक […]

ऐसी सुना दे पंक्तियाँ जो मधुर रस सींच दें, रंग के त्यौहार में रंगीनियों को सींच दें। अश्क सारे सूख जायें होंठ गीले से रहें, नैन में काजल लगा हो खूब नीले से लगें। गाल […]

करो परिश्रम कठिनाई से, जब तक पास तुम्हारे तन है । लहरों से तुम हार मत मानो, ये बात सीखो त जब मँक्षियारा नाव चलाता, विचलित नहीं होता वह विपरित धाराओं से । लाख सुनामी […]

ज़िन्दगी की राहें, सदा कुछ सिखाती ही जाएँ। कुछ लोग हाथ पकड़ कर, काम निकाल, छोड़ दें झटक कर। पकड़ कर राह सच्चाई की, कुछ निभाएँ साथ भी। रंग-बिरंगी दुनिया है यह, रंग सभी दिखलाते […]

आज मन उदास था बेसब्री से इंतजार था बीस साल पहले सबको पोस्टमैन का मां को मामा की चिट्ठी का होता था, ठीक वैसे ही आज कवि को उसकी रचना पर आप सबकी समीक्षा का […]

कठपुतली तो देखी होगी ना…. हाँ, वही काठ की गुड़िया। जिसकी डोर रहती है सूत्रधार के हाथों में, वह अपनी उँगलियों से जैसे चाहे, उसे नचाता है…. दर्शकों को भी आनन्द आता है। लगता है […]

भोजपुरी देशभक्ति होली गीत – पिया तू फगुनवा मे | काहे नाही आईला पिया तू फगुनवा मे | मनवा लागे नाही ना पिया मोर फगुनवा मे | तू त हउआ फौजी सिमवा ललकारेला | देश […]

सामने बोल भी नहीं पाये आँख हम खोल भी नहीं पाये था वजन बात में भरा कितना उसको हम तोल भी नहीं पाये। आँख चुँधिया गई थी जब अपनी धूल औरों में झोंक कर आये, […]

जल बरसा आकाश से, तृप्त हो गई भूमि, पौधे फिर से जी उठे, हरी हो गई भूमि। हरी हो गई भूमि, आज रौनक प्यारी लिख, उग आई खुशहाली लेकर सुन्दर नख-शिख। कहे लेखनी रंग भरे […]

गरम चाय पीने से ताजगी आती है, तुम्हारे व्यक्तित्व की सादगी भाती है। सवेरा भी जरूर होता है राह दिखाने को अंधेरा भी मिटता है, रात भी जाती है। मेहनत का फल जरूर मिलता है, […]

कैसे जिया जाए यह जीवन नीरस-नीरस लगता जीवन | बह जाती है सांस कहीं तो बह जाती है धड़कन | रूठ जाएं कभी सारे अपने बन जाएं कभी गैर भी अपने | उपजे मन में […]

मैं तुम्हें फिर मिलूंगी किसी टूटे दिल के अनगिनत टुकड़ो में, किसी गरीब की फटी हुई झोली की सच्चाई में, एक कटी पतंग की बेसहारा होती उम्मीदों में मैं तुम्हें फिर मिलूंगी…. कांच के उन […]

विश्वसनीयता *************** आज डायरी के अथाह पन्ने पलटने के बाद मिला मुझे एक ऐसा शब्द जिसके मायने ढूंढने, समझने और समझाने में जमाने गुजर गये विश्वसनीयता’ क्या है ?? किसमें है ?? किस पर है […]

ओह !! कितनी मेहनत करनी पड़ती होगी तुम्हें यह सब करने में ! कितना वक्त जाया होता होगा ! सच में मैंने तुम्हारी जिंदगी में दस्तक देकर, तुम्हारी आसान राहों को कितना मुश्किल बना दिया… […]

कुछ सिसकिंयाँ सिमट कर बिखर गईं फिर से तुम्हारी याद आ गई जब रोया करते थे तुम्हारे कंधे पर सिर रखकर वो पल अब कहाँ खो गये ?? बेशुमार दौलत है अपने पास आज पर […]

कुछ भ्रांतियां ऐसी जो, हास्यास्पदसी लगती हैं कहावतें भी जीवन का, प्रतिनिधित्व करती हैं ज़मीं पे गिरी मिठाई को, उठाकर नहीं खाना है वो बोले मिट्टी की काया, मिट्टी में मिल जाना है बंदे खाली […]

मुस्कान आपकी खिले फूल जैसी, भुलाने सक्षम है गम हमारे। वाणी में इतना मीठा भरा है, विरोधी भी हो जाते हैं तुम्हारे। चमकता हुआ बल्ब बोलूँ न बोलूँ, मगर इस अंधेरे में हो तुम दुलारे। […]

अब ना ढूंढना कभी मुझे मन के उजालों में अंधकार की ओर बस एक कदम बढ़ा लेना बिखरें हों जहाँ कंटक बेशुमार बस वही पर मेरा निशान मिलेगा… अब ना ढूंढना कभी मोतियों की चादर […]

क्यों अपनों के बीच अपनेपन का एहसास नहीं होता क्यों वो हर एहसास खास नहीं होता कुछ तो कमी होगी मेरे ही अन्दर, जो कोई अपना होकर भी साथ नहीं देता….

धर्म आंतरिक जागृति है संवेदना का अहसास है अंतर्मन अगर साफ है मजहब हमेशा पास है शांति संदेश के लिए समूह प्रेम का एकल स्वतंत्र विचार है जीवन सरल सीमित सबका भंडारण के लिए आचार […]

शिक्षा सबके लिए जरूरी, शिक्षा बिन ज़िन्दगी अधूरी। शिक्षा से ही है सम्मान, शिक्षित की एक पृथक पहचान। शिक्षा समृद्धि की कुंजी है, शिक्षा से मिलें संस्कार। शिक्षा मानवता का धर्म सिखाए, शिक्षा से हो […]

ज्यों सूर्य की किरण, मिटा देती है धरा का तम। वैसे ही एक आशा की किरण, संचार कर देती है खुशियों का बन कर जीवन की तरंग। आशा न टूटे कभी, निराश न होना मनुज। […]

शिशु सुधार की चाह में रहते हर जन खुद चाहे रहा बिकर्षित उनका जीवन ब्यर्थ चिंतित हो उल्झाता जन निज मन धरा अवतरण हेतु सबका अपना कारण स्वभाव अलग हो सबका यह है संभव प्यास […]

कल कल कल कल नदिया बहती है, साफ स्वच्छ है पानी, जी करता है खूब नहा लूँ, मगर डर रही है रानी, मन की रानी का डरना मेरे मन में करता हैरानी। पूछा तो कहती […]

हलधर की व्यथा सुनने को नहीं है वो तैयार जिसने बनाई थी नीतियाँ किसानों के लिए अपार किसानों के लिए अपार नीतियाँ बनाकर बैठ गये बंगले में और गरीब किसान बैठ गये धरने में धरना […]

क्यों करता है मन को कलुषित भरकर ह्रदय में विष का सागर प्रेमबीज बो कर ही, उगता है एक वृक्ष धरा पर । वृक्ष धरा पर उगकर देता सुंदर फल है, उसे सींचता सदा ही […]

आगे बढ़ने की होड़ जन कठिनता का कारण सीखने-सिखाने की प्रवृति बना नर उत्तमता करता धारण बीती बातों से नफ़रत पलता इंसान तो हर दिन बदलता बुराई को तजकर नित दिन अच्छाई का करता जाता […]