सावन का मुग्ध फुहार तू है
सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे…
सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे…
क्षणिका ?:– ✍ जब गम सताता है, गाने मैं गुनगुनाता हूं । जब ददं रुलाता है, तराने मैं सजाता हूँ ।। (1) जब रंज बढ…
–:?गीत ?:- ✍ सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली ।…
–:?गीत ?:- ✍ सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली ।…
स्वच्छ्ता हो प्राथमिकता स्वयं से शुरुआत करिए। स्वच्छ हो घर-बार अपना स्वच्छता हो सार अपना ग़र नहीं मिलता समय तो दीजिए इतवार अपना मामला सबसे…
गांधी जी का सपना सच करके हम दिखाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे साफ-सुथरी गलियां होगी साफ सुथरा होगा गांव साफ सफाई करने…
Zindagi me tera saath dungi sanam chahe aa jaye kitne hi mujhpe gam,na hi chuuta hai aur na hi chuutega jab tak hai,mera tera saath…
*मन थिरक उठो…”* *********** कभी पुराने नहीं रहेंगे ये रसभरे , सुरीले गीत । सदा नयापन। देंगे मन को , यह है इन गीतों की…
बोल दू ! जो बातें दबी है इस दिल में बोल दू! जो साँसे महसूस होने लगी है। मोड़ दू! इन नगमों का रुख तेरी…
मैं आसमां की ऊंचाइयों को छू लूंगी, तू पिंजरा तो खोल ज़रा। मैं दिल की गहराइयों को छू लूंगी, तू1मुझे वक्त तो दे ज़रा। मैं…
अवसाद का विक्षोभ नीरव, चपल मन का क्लांत कलरव देखता पीछे चला है लगा मर्मित स्वरों के पर । शुष्क हिम सा विकल मरु मन,…
sloth goti cholchey gari ajo thomkey daraye eye mon amari khub chena akta goli diye jekhaney hetey chilam bhalobashar sopno niye abujh se mon ajo…
मैं अकेला था अकेला हूँ अकेला रह गया, ज़िन्दगी की धूप छाँव सब खुशी से सह गया। टूटा हूँ पत्ते सा क्यूँकि मेरी सूखी डाली…
*ओ बाबुजी…* बहुत याद आते हो ओ बाबूजी दिल को रुलाते हो ओ बाबुजी ।। जीना तुम्हारे बिन गवारा नहीं धड़कते हो सीने में ओ…
भूल जाना मोहब्वत को मुमकिन नही भूल जाने की तुम यूँ ही जिद्द न करो अश्को को तुम छुपा लोगे माना मगर इन नजरों को…
रंग क्या होंगे—? ————————- लिखेगी लेखनि कौन सा अक्षर स्याही के रंग क्या होंगे–? लफ़्जें कहेंगी कहानी कौन सी कथाओं में उमंग क्या होंगे—? झलकेगा…
तन वदन मन खिलखिलाता , जब किसी का पत्र आता । पत्र के उर में बसे हैं , प्रेमियों के भाव गहरे । दूर हों…
आ गया अब शीत का मौसम कंपकंपी के गीत का मौसम । झील सरिता सर हैं खामोश अब न लहर में तनिक भी जोश वृक्ष…
सर्दियों में धूप मनको जिस तरह प्यारी लगे । आपकी छवि व्यथित मन को परम सुखकारी लगे । मौन रह.अनकही बातें , शेष कहने को…
ऊपर से कुछ दिख न पाए , अंदर अंदर होता है गहराई में नप न पाए , प्रेम समंदर होता है लोगो ने है कितना…
अब ना गाऊंगा गित तेरे यादो की. अब ना चाहुंगा प्रित तेरे सांसो की. कुछ थमा तुम्हारे हमारे बिच यादो का गुलिस्ता. जो हमसफर रुठ चुका हमारे घर से. जो चूक चुका महफिल की रंजोगम से. फिर गित ना गा पाऊंगा. महबूब तुझे गुनगुना ना पाऊंगा. अवधेश कुमार राय “अवध”
दुनियाँ का कोई कानून चलता नहीं। रौशनी का दिया कोई जलता नहीं। कोशिशें अमन की दफन हो गयी हर मुद्दे पे बंदूक चलन हो गयी॥…
मेरी बातों में बस तुम थी , मगर मेरी बात कम आंकी तेरे यारों के कुनबे में , मेरी जात कम आंकी अपने अल्फाजों से…
हृदय–पटल पर नृत्यमय नुपुर झनक से झंकृत हूँ विस्मित मैं मधु-स्वर से विह्वल अभिराम को आह्लादित तिमिर अंतस को कर धवल— कनक–खनक करके उज्जवल सारंग–सा…
किस्मत हमारी लटक रही है जैसे पाव में पायल , भारत माँ विलख रही है जैसे दीन-दुखी घायल , जिस आँचल में पले- बढे उसमे…
तेरा दूर-दूर का रहना ले जाये मोर चैना तेरी रहा तकै है अंखिया ताने देती घर गालिया तेरी राह तकै हुए बरसो अब छोड़ भी…
चला जाऊँगा एक दिन मैं तेरी मेहफिल से उठ करके। हमारा काम ही क्या है क्या होगा अब यहाँ रुकके।। मेरी यादो को आँखों में…
मैं अकेला ही चलूँगा । शीश पर तलवार मेरे, पाँव में अंगार मेरे, या काटूँ या फिर जलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। तुम…
——————— तेरे दिल में याद बनकर समा जाऊँगा तेरी आँखों में नशा बनकर छा जाऊँगा कशिश की सरहद से दूर ना जा पाओग मैं खुशबू…
Sapno me Sapne Hajar Hai, Yaado me Tuhi Dildar hai. Hume Zindagi se hua Pyar hai, Tera-hi-tera Intjaar hai. Ronak to Dekho in Raaho ki tum, Apne se ab lagne lage Hum. Khuli ye wadi Mahka Chaman, Dilbar ki bato me Dil h Magan. Ab Hume Zindagi se hua pyar hai, Tera-hi-tera Intjaar hai. Sapno me sapne Hajar hai, Yaado me ab tuhi Dildar hai….. (For you my Tamatar)
जिंदगी जिंदगी जिंदगी जिंदगी। बेबसी बेबसी बेबसी बेबसी।। , ख्वाहिशे ख्वाहिशें ख्वाहिशे ख्वाहिशे। कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं।। , काफिले काफिले काफिले…
“चिड़िया” चीं चीं करती चिड़िया आती अम्बर ऊपर घोसला बनातीं | पानी जहां पर वहाँ मडरातीं औ जमी से उड़ -उड़ जाती |
मेरी ये जिंदगी सारी वतन के नाम लिख देना। कि है जिनकी वजह से हम उन्हें सम्मान लिख देना।। , मैं कुछ भी हूँ नहीं…
जब जब तेरी याद आई है, मैंने खुद को समझाया है।। बीते जीवन के लमहो में, तुमको ही बस पाया है। रह गया अकेला इस…
माँ शारदे वरदान दो वरदायिनी वरदान दो मेरे उर में तेरा वास हो हर रोम में प्रकाश हो सन्मार्ग पर मैं चल सकूँ मुझे अभय…
नाम साधना के अभ्यास के दौरान उभरा हुआ यह गीत प्रस्तुत करने बहुत ख़ुशी महसूस कर रहा हूँ ..! “नाम” में प्रभू के हम, मस्त …
सारी दुनिया का यही, क्यूँ है ये हाल सही..….! (गीत) सारी दुनिया का यही, क्यूँ है ये हाल सही, बाँहों में और कोई, ख्यालों में और …
ख़ुशी जिसे कहते हैं, वो चीज ढूंढता हूँ गैरों की इस दुनिया में अपनों को ढूंढता हूँ अकेला तो न था पहले कभी इतना साथ…
तेरे गीत प्यार के हैं सुख मेरा …..! (गीत) मै तो पहले गाता न था, गीत क्या है ये न जानता, तुझसे प्यार क्या हुआ,…
दुनिया हमारे दम से है …..! बदले हज़ार बार ज़माना तो गम नहीं, दुनिया हमारे दम से है, दुनिया से हम नहीं …..! क्यूँ फ़िक्र…
**के जब तुम लौट कर आओ::स्मृति** हौसला टूट चुका है, अब उम्मीद कहीं जख्मी बेजान मिले शायद, जब तुम लौट कर आओ तो सब…
आजादी का विजय पर्व , हम मिलकर आज मनायें | आज की मधुरिम बेला पर ,हम गीत खुशी के गायें | एक झोपडी भी भारत…
???????? ————————- भीगी रातें ————— सावन को जरा खुल के इस बार बरसने दो । राजी ही नही यारा दिल और तरसने को ।। दो…
*एक विदाई गीत* हरे हरे कांच की चूड़ी पहन के, दुल्हन पी के संग चली है । पलकों में भर कर के आंसू, बेटी पिता…
दिनांक-२०-७-२०१६ विधा- गीत संदर्भ- स्वतंत्रता दीवस तर्ज- बहुत प्यार करते है तुझसे सनम… …………………………………………………… झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ हमको हमारी भारत माता की कसम -२ झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ हमे मातृभूमि अपने प्राणों से प्यारी-२ हम है दुलारे ये है माता हमारी -२ सब कुछ…
अधूरा गीत तुम बिन मेरे साजन बोलो कैसे ये जज़्बात लिखूँ, दिन मेरा कैसा बीता कैसे बीती रात लिखूँ। मन में उलझन भारी था तो…
यह गीत धरा का धैर्य गर्व है, नील–गगन का यह गीत झरा निर्झर-सा मेरे; प्यासे मन का …. यह गीत सु—वासित् : चंदन–वन…
रहम करना ज़रा मौला, नमाजी हूँ तेरा मौला। तू ही तो मीत है मेरा, तू ही तो गीत है मेरा॥ किसी को गैर ना…
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