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एक ताज़ा ग़ज़ल …….. गुलफिशानी – फूलों की बारिश , बदगुमानी – शक ******************************** मैंने दुश्मन पे गुलफिशानी की … आबरू.. उसकी पानी पानी की …. मुझ पे जब ग़म ने मेहरबानी की ….. मैने […]
इक तस्वीर है इस दिल के पास। फिर क्यु दिल है उदास – उदास।। माना की तु दुर है सदियों से मगर, तेरी यादे है मेरे दिल के आसपास।। वो लरजते होठो से मेरे गीतो […]
आज कुछ खाली – खाली लगता है …२ यूँ जो छोड़ गए तुम मुझके … हर चेहरा सवाली लगता है … आज कुछ खाली – खाली लगता है … हँस के मिलती हूँ जब भी […]
जाते जाते बस एक काम कर देना, मेरे मोहब्बत को एक नाम दे देना । गर कभी दुब जाऊं यादों में उसकी, तो मुझे बस दो घुट जाम दे देना ।। बड़ा बदनाम था मैं […]
Tere ishq ka deewana, ye deewana ho gya.. Tere pyar me hai pagal, ye parwana ho gya…….. Neend raton me bin tere aati nhi.. Tu kyon khwabo se mere hai jati nhi.. Roop tera suhana […]
जल उठे थे बुझ के हम, शमा – ए – लौ से प्यार की; फिर तेरी हर एक झलक, पे नज़रों को झुका जाना; गर कही जो चल पड़े, तेरे बुलाने पे सनम; वो तेरा […]
तेरी यादों का समन्दर कभी सुखता नही। आँखों में खुशी है मगर दर्द मिटता नही। चौमासें सावन सा बरसता गम है सीने में, जुदा-ए-सनम तुम बीन दिल अब लगता नही। लाख बोई फस्लें आरजुओं की […]
जमाने बीत गए जिनको भुलाये हुए आजफिर हैं क्यो याद वही आये हुए कितने बेरुखी से तोड़े थे वो दिल को दिल के टूकड़ो को हैं हम सम्भाले हुए सोचते थे न आएगी क़यामत कभी […]
उसी का शहर था उसी की अदालत। वो ही था मुंसिफ उसी की वक़ालत।। , फिर होना था वो ही होता है अक्सर। हमी को सजाएं हमी से ख़िलाफ़त।। , ये कैसा सहर है क्यू […]
जिसकों कहतें थे हम हमसफ़र अपना। वो तो था ही नही कभी रहगुज़र अपना।। , तुमको मुबारक हो भीड़ इस दुनिया की। हम काट लेंगे तन्हा ही ये सफर अपना।। , भूल गए हो यक़ीनन […]
हर रास्ता हमसे तंग हुआ, हम फिर रास्ते की तलाश मे निकले , शजरो शजर की चाहत मे रास्ते महज इत्तेफाक निकले । ठहरे जहाँ पल भर को ब आजादी ब आबोताब , हमारी आबादी […]
दिलो ज्जबात पर नजर रखिये गुमशुदा कुछ ना हो ये खबर रखिये दिल ना टूटे ज्जबात भी नहीं चटके दिल की दहलीज पर यूँ नजर रखिये “
ग़ज़ल-ये तुम क्यों भूल गए मैंने तुम से प्यार किया था…..ये तुम क्यों भूल गए तुमको सब कुछ मान लिया था ये तुम क्यों भूल गए सुबह थी तुम शाम थी तुम मेरे दिल की […]
जीने की ख्वाहिश न मरने का गम है! है अधूरी कहानी जख्म ही जख्म है !! . न तुमने कहा कुछ न हमने कहा कुछ! बढी फिर भी दूरी ये वहम ही वहम है!! . […]
इस दीपक में एक कमी है,,,, हर सैनिक की याद जली है ।।।।।।। जिसने दी आज़ादी हमको,,,,,,,,, उनकी बेहद कमी खली है ।।।।। दुश्मन को मारा सरहद पे,,,,,,,,,, तो दीवाली आज मनी है ।।।।।।। देखो […]
इस तरह उलझी रही है जिन्दगी,,,,,, कोन कहता है सही है जिन्दगी।।।।। उलझनो का हाल मै किससे कहु,,, आँख के रस्ते बही है जिन्दगी।।।। अब नही पढना नशीब में इसे,,, गर्द सी मुझपे जमी है […]
तुझको ही बस तुझको सोचू इतना तो कर सकती हूँ,,,,,,,,, तेरे ग़म को अपना समझू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।।। मुझको क्या मालूम मुहब्बत कैसे करती है दुनिया,,,,,,, हद से ज्यादा तुझको सोचू इतना […]
वतन पे है नजर जिसकी बुरी उसको मिटा देगें,,, सबक ऐसा सिखा देगें कि धड से सर उडा देगें।। जहाँ पानी बहाना है वहां पर खून देगें हम,,, वतन से प्यार कितना है जहाँ को […]
करे हैं काम वो इस धूप में जलती सी इक औरत,,, गमों को झेल लेती है सभी, गहरी सी इक औरत।।। बडों का मान रखती है झुकी रहती है कदमो में,,, कि रिश्तों के दरख्तों […]
ये मदहोश शाम और तन्हाई का आलम अपनों के बारे में न सोचते तो क्या सोचते करीब-ए-मर्क़ है फिर भी अकेले इसलिये खबरी के बारे में न सोचते तो क्या सोचते हुआ कभी […]
विधा-ग़ज़ल काफिया-ओ रदीफ़-तो कभी ************************* चाहती हो मुझे अगर बताओ तो कभी देख कर मुझको मुस्कुराओ तो कभी यूँ ना तड़पाओ तुम इतना दिल को मेरे हाल-ए-दिल अपना सुनाओ तो कभी दोस्त तो है बहुत […]
बहुत परेशान करती है तन्हा रातें हमकों। मुसल्सल याद आती है मुलाकातें हमको।। , ऐसे क्यूँ ख़फ़ा हो गए बिना सबब के तुम। क़ोई वजह थी जहन में तो बताते हमकों।। , ख़ुद मुज़रिम होके […]
जिंदगी भर ये क्या इन्तेज़ाम किया हमनें। इक उम्र तो बस यूँ ही तमाम किया हमनें।। , पता नहीं किस ख़्वाहिश में दर ब दर हुए। न सुकून ही मिला न आराम किया हमनें।। , […]
खुद पे कुछ इस तरह से वार किया मैंने। तेरा न आना तय था इंतज़ार किया मैंने।। , जब थी फूलों सी फ़ितरत तो तोड़ा सबने। अब तोहमतें है खुद को ख़ार किया मैंने।। , […]
जो लिखा ही नहीं वो ख़्यालो में है। जिंदगी का मज़ा अब सवालों में है।। , जो जाता है उसको चले जानें दो। देख लेंगे हम ग़म के जो प्यालों में है।। , तस्वीरों को […]
ख़्वाब है जिंदगी,जिंदगी ख्वाब है। चेहरे देखा है उसका अलग आब है।। , जिसको कहतें रहे उम्र भर हम दवा। उसको सारा जहाँ कहता शराब है।। , खुद ही बदलें नहीं बस ये कहतें रहें। […]
इक तारा आज फिर से टूटा बिखर गया। आसमान ने ये देखा वो फिर सिहर गया।। , किसकी है ये खता की वो छोड़ आया घर। या खुद की ही वजह से वो यूँ बिखर […]
तेरी बुराइयों को हर अख़बार कहता है, और तू मेरे गांव को गँवार कहता है। ऐ शहर मुझे तेरी औक़ात पता है, तू बच्ची को भी हुस्न ए बहार कहता है। थक गया […]
इस क़ैद ए तन्हाई से कब रिहा होंगें हम। सोचा तो था की मुकम्मल जहां होंगे हम।। , रोज़ आते है ख़्याल हमकों परेशान करने। अब जितना कहेंगे उतने ही रवां होंगे हम।। , तुम […]
एक शराब की कहानी है ये एक शराबी की जुबानी है ये पीता है वो सुबह-शाम जी भर के एक शराबी की ईमानदारी है ये सुकून देती है ये बहुत दिल में जाने के बाद […]
तेरे इश्क मे…….तेरे इश्क मे , तेरे इश्क मे बेबस हुए तेरे इश्क मे बेखुद हुए तेरे इश्क मे बेहद हुए दीवाने हम ! तेरे इश्क मे…….तेरे इश्क मे , तेरे इश्क के दरिया मे […]
इक जमानें मे सच है शज़र हुआ था मैं। जानें कितने परिंदों का घर हुआ था मैं।। , अपनी छाह में बच्चों को खेलता देखके। जरूर ही जमाने से बेखबर हुआ था मैं।। , मेरे […]
माना तेरे काफ़िलो में शामिल नहीं हुए। पर ऐसा न था की हम मंजिल नहीं हुए।। , इक उम्र गुजरी यूँ ही ख्वाबो ख्यालों में। कुछ देख न पाएं कुछ हासिल नहीं हुए।। , जिंदगी […]
कब तक करोंगे यूँ बेईमानी खुद से। मुझे छोड़कर करोगे,नादानी खुद से।। , हमारी दास्तानों को फरेब कहने वाले। लिख नहीं पाओगें ये,कहानी खुद से। , तन्हाई में मिलें है लोग जो समन्दर किनारे। उनका […]
न वो वक़्त रहा न याद है क़िस्सा कोई। मेरे हिस्से में ही नहीं है मेरा हिस्सा कोई।। , ये किया है ख़िज़ाँओ ने जहाँ घर अपना। गुजरे जमानों में था यही गुलिस्ताँ कोई।। , […]
सफ़र फासलों का है ये बड़ा दर्द भरा, गर हो मुम्किन,तो कोई और अज़ाब दो ना बड़ा नहीं देखूँगा तेरी सूरत मैं कभी, इन आँखों को कोई और पता दो ना ज़रा बातों-बातों में बनी […]
हम तेरे वादों की जब गहराई में उतरे। सदमा सा लगा जब सच्चाई में उतरे।। , तुमको ढूंढते रहें थे महफिल महफिल। पर सुकून मिला जब तन्हाई में उतरे।। , जिसनें चाहा जैसा वैसा बनाया […]
इक अरसे से कोई ख्वाब नहीं देखा हमने। जब से तुम गए आफ़ताब नहीं देखा हमने।। , लफ्ज़ दर लफ्ज़ हम क्या क्या नहीं हुए थे। पर खुद का लिखा किताब नहीं देखा हमने।। , […]
mai sab kuch hu tera lekin, mai tera kuch nahi lagta bahut kuch pa liya hai phir bhee khali khali sa lagta tujhe pane ki koshish kar raha barso se hoo lekin tu mujhko kho […]
कुछ न कुछ दिल में चलता रहता है। इक ख़्वाब अनदेखा पलता रहता है।। , क़िस्मत कहें की मुक़द्दर कहें उसको। जो नाम सुबह शाम खलता रहता है।। , वक़्त गुजरा है कुछ इस तरह […]
देखो तो मजमा आजकल उनका इधर लगता है मतलब की है यारी, सर-बसर लगता है कहते थे कभी मुल्क की आवाम के हैं सेवक देखो तो आज बनारस ही उनका घर लगता है कब्रिस्तान और […]
जो भी तुम कहते हो वही होगा। ऐसा सोचते हो तो नही होगा।। , हमसें क्यूँ पूँछते हो पते ठिकाने। मैं आसमाँ नहीं पता ज़मी होगा।। , किसकी राहों में अब पलकें बिछाएं। हम समंदर […]
रात अँधेरा ख़ामोशी तन्हाई,अश्क़ मिला। यादें वक़्त पल तस्वीरें बातें,अश्क़ मिला। , जिंदगी झूठ क्या वादें क्या क़समे इरादें। मौत सच तन्हाई सच आँखें,अश्क़ मिला। , मिलना वादियां झरने ये पहाड़ ओ मौसम वीरानी निशानी […]
दर्द चोट आसूँ जख़्म अब मरहम चाहिए। सफ़र में क्या कहें हमको हमदम चाहिए।। ‘ मेरी मुस्कुराहट पर हैरत क्यूँ करते हो तुम। बोल दो आँखों का मंजर नम नम चाहिए।। , अब तक जिन्दा […]
देखना है की हिस्सों में कैसे बँट पाउँगा मैं। इक बूढ़ा शज़र हूँ लगता है कट जाऊंगा मैं।। ‘ मुझे सहारा देने में दिक्कतें तो है बच्चों को। ख़ामोश ही रहूँगा की जब थक जाऊंगा […]
दवा भी तुम दुआ भी तुम। हवा भी तुम फ़िजा भी तुम।। , घटा भी तुम अदा भी तुम। वफ़ा भी तुम सज़ा भी तुम।। , हँसी भी तुम ख़ुशी भी तुम। कभी आँख में […]
मेरे घर में भी मुझे पहचानने वाला बस एक शक्स हमेशा रहता है। जब मैं देखूं उसे वो भी आईने से मुझे बस देखता रहता है। यहां इस खु़शहाली में अमीरों को नींद बस ठंडी […]
मंजिल का नज़ारा तो अपनी पालकों तले कम ही बीता है। हमारा ज्यादा वक़्त तो बस सफर के बहाने ही बीता है। किसीके दिल में किसीके खातिर प्यार है कितना इस उंचाई को नापने […]
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