याद कर लो सभी आज उनको

स्वतंत्रता दिवस काव्य पाठ प्रतियोगिता:-

याद कर लो सभी आज उनको
जिनके यत्नों से आजादी पाई,
यह जन्मभूमि भारत हमारी
उस गुलामी से मुक्ति ले पाई।
हर तरफ था अंधेरा घना
कोई आशा न थी आम जन में,
उस निराशा में जिसने जगाया
याद कर लो सभी आज उनको।
बांटने की अनेकों थी कोशिश
फुट डालो करो राजनीति
जाति धर्मों में हमको लड़ाकर,
राज करते थे गोरे फिरंगी।
लूट कर देश की संपदा को
कोष ब्रिटेन का भर रहे थे,
दुर्दशा में था भारत का जीवन
लोग कष्टों में घिरते गए थे।
उन फिरंगी के मुंह में तमाचा
एकजुटता से जिसने लगाया,
जिसने छेड़ी वो जंगे आजादी
याद कर लो सभी आज उनको।
है नमन आज उनको नमन
जिनके यत्नों से आजादी आई,
जिसने अपना पसीना बहाया,
खून की बूंद जिसने चढ़ाई।
कतरे कतरे से सींचा वतन
सिर पे बांधे हुए थे कफन,
देख बलिदान दुश्मन भी काँपा
ऐसे वीरों को शत-शत नमन।
जुल्म सहते रहे, मुस्कुराते रहे
सिर कटा पर झुकाया नहीं,
गोलियां खाईं सीने पे जिसने
ऐसे वीरों को शत-शत नमन।
याद कर लो सभी आज उनको
जिनके यत्नों से आजादी पाई,
यह जन्मभूमि भारत हमारी
उस गुलामी से मुक्ति ले पाई।

—- सतीश चंद्र पाण्डेय


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220 Comments

  1. Chandra Pandey - August 16, 2020, 11:58 am

    शानदार कविता पाठ, वाह वाह

  2. Deepak Kumar - August 16, 2020, 12:04 pm

    शानदार कविता।
    वाह ,वाह।

  3. मोहन सिंह मानुष - August 16, 2020, 12:10 pm

    वाह ! सुन्दर प्रस्तुति

  4. pawan pandey - August 16, 2020, 12:26 pm

    बेहतरीन

  5. Prayag Dharmani - August 16, 2020, 12:34 pm

    बेहतर पद्य काव्य प्रस्तुति

  6. Pragya Shukla - August 16, 2020, 12:35 pm

    वाह भाई!
    आपका जोश दिख रहा है।

  7. Geeta kumari - August 16, 2020, 12:44 pm

    सुंदर प्रस्तुतीकरण

  8. Saurav Tiwari - August 16, 2020, 12:56 pm

    Bhut khub ❤

  9. Rajiv Mahali - August 16, 2020, 1:04 pm

    बहुत खूब

  10. Thakur Prem Shankar Singh - August 16, 2020, 1:40 pm

    Wah ji wah kya baat hai

  11. MANOJ KUMAR - August 16, 2020, 1:41 pm

    शानदार। यह कविता हमें जागरूक करती है कि हमने कितने कष्ट सहकर आजादी पाई।उन शहीदों का स्मरण करना बहुत आवश्यक हो जाता है आज जबकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से वेखबर होती जा रही है।कविता सामयिक है। बहुत बहुत बधाई सतीश जी।

    • Chandra Pandey - August 18, 2020, 6:10 pm

      वास्तव में शानदार कविता पाठ किया है

      • Satish Pandey - August 18, 2020, 7:45 pm

        धन्यवाद जी

      • Chandra Pandey - August 18, 2020, 8:21 pm

        सुस्वागतम, आपने लिखा ही बहुत अच्छा है

      • Isha Pandey - August 18, 2020, 11:56 pm

        जय हिंद

    • Satish Pandey - August 18, 2020, 7:44 pm

      हार्दिक धन्यवाद सर

  12. Shailja Pratap Singh - August 16, 2020, 1:43 pm

    इस इमारत रूपी देश के नीव में है वो लोग जिनके बिना …..

  13. Add Primary Health Center Haripura Harsan - August 16, 2020, 1:45 pm

    शत शत नमन है उन महान सपूतों को

  14. dinesh chandra pandey - August 16, 2020, 1:46 pm

    बहुत सुन्दर

  15. Renu Tiwari - August 16, 2020, 1:47 pm

    Nice ♥♥

  16. dinesh chandra pandey - August 16, 2020, 1:47 pm

    सुंदर कविता की पंक्तियां

  17. Shraddha Forest - August 16, 2020, 1:51 pm

    Jai Hind

  18. vivek singhal - August 16, 2020, 2:05 pm

    मै तो आपका चमकता चेहरा ही देखता रह गया

    • मोहन सिंह मानुष - August 16, 2020, 3:42 pm

      😊मै भी सर! बड़ा ही खुश मिजाज़ व्यक्तित्व ।

      • Satish Pandey - August 18, 2020, 7:50 pm

        मानुष, सर को इस प्रेम हेतु हार्दिक धन्यवाद

    • Piyush Joshi - August 18, 2020, 6:15 pm

      मैं भी तो देखता ही रह गया। क्या बुलंद आवाज, क्या गजब जोश, क्या मुस्कान वाह, सुन्दर कविता

      • Satish Pandey - August 18, 2020, 7:51 pm

        आपको बहुत बहुत धन्यवाद

    • Satish Pandey - August 18, 2020, 7:49 pm

      आपका बहुत बहुत आभार, इस प्रेम स्नेह के लिए धन्यवाद विवेक जी

    • Satish Pandey - August 18, 2020, 7:51 pm

      बहुत बहुत धन्यवाद विवेक जी, आभार

    • Chandra Pandey - August 18, 2020, 8:22 pm

      वास्तव में प्रभावशाली

    • Indu Pandey - August 18, 2020, 10:51 pm

      bahut Shandar

      • Satish Pandey - August 18, 2020, 11:26 pm

        Thanks

      • Isha Pandey - August 18, 2020, 11:37 pm

        Shandar व्यक्तित्व के धनी, जय हिंद

      • Satish Pandey - August 18, 2020, 11:49 pm

        Jay Hind

  19. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 16, 2020, 2:58 pm

    Atisunder

  20. Isha Pandey - August 16, 2020, 3:06 pm

    स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर इतनी सुन्दर कविता का इतना सुंदर पाठ किया गया है जो कि विषय से जुड़ा सुंदर काव्य पाठ साबित हुआ है। कितनी बेहतरी से आपने शब्दों को बोला है, भावों को व्यक्त किया है, वह निश्चय ही प्रशंसा के योग्य है।

  21. Isha Pandey - August 16, 2020, 3:09 pm

    स्वतंत्रता दिवस आजादी के संघर्ष की याद है, स्वतंत्रता के संग्राम से जुड़ी हुई यह कविता अत्यंत सुंदर कविता है, एक एक पंक्ति को आपने भावभंगिमा से बोला है। जिससे हृदय के तार झंकृत हो रहे हसीन। जय हिंद।

  22. Harshita Joshi - August 16, 2020, 3:35 pm

    Bahut sunder poetry mama ji

  23. Raju Pandey - August 16, 2020, 3:42 pm

    बेहतरीन लेखनी👏👏

  24. Kapil Joshi - August 16, 2020, 4:02 pm

    शानदार कविता 🥰

  25. Prayag Dharmani - August 16, 2020, 4:27 pm

    सुंदर प्रस्तुति

  26. Kalawati Joshi - August 16, 2020, 4:58 pm

    Bahut sundar kavita paath kiya gaya hai, jay hind

  27. Harish Joshi - August 16, 2020, 6:31 pm

    बहुत ही सुन्दर और आज़ादी का मोल समझाती कविता।

  28. Meera Joshi - August 16, 2020, 6:36 pm

    सुंदर कविता पाठ।

  29. Kiran Joshi - August 16, 2020, 6:43 pm

    Very nice

  30. Ramesh Joshi - August 16, 2020, 6:44 pm

    बहुत सुंदर
    हमारे देश के शहीदों को नमन करती
    और सामाजिक कुरीतियों को बहुत ही सरल
    शब्दों में प्रस्तुत करती कविता मुझे बहुत पसंद आई

  31. MS Lohaghat - August 16, 2020, 6:48 pm

    स्वतंत्रता दिवस पर जिस तरह की यह प्रतियोगिता है, उस तरह की सुंदर कविता का पाठ आपने किया है, आपकी एक खासियत यह है कि आप जैसी फरमाइश की जाती है ठीक वैसी ही कविता प्रस्तुत कर देते हैं। आपकी कविता में सीधी सीधी अभिधा है, न इधर न उधर, सच्ची सीधी कविता, प्रतियोगिता के अनुरूप बेहतरीन कविता।

  32. MS Lohaghat - August 16, 2020, 6:49 pm

    सावन के मंच में देश भक्ति के काव्य की यह सुन्दर सरिता प्रवाहित हुई, सावन को भी धन्यवाद है। कवि को सलाम है।

  33. ANIL GARKOTI - August 16, 2020, 7:12 pm

    शानदार समसामयिक चित्रण।

  34. Harela Club - August 16, 2020, 7:14 pm

    स्वतंत्रता दिवस पर आजादी की कीमत भी सबको पता होना ही चाहिए

  35. Jagdish Gunwant - August 16, 2020, 7:17 pm

    सुन्दर कविता, शानदार प्रस्तुति

  36. Tanuja Joshi - August 16, 2020, 7:59 pm

    बहुत सुंदर कविता 👌👌❤

  37. Nitin Joshi - August 16, 2020, 8:17 pm

    बहुत सुंदर कविता।।👌👌
    जय हिंद।।🇮🇳🇮🇳

  38. Subh Tiwari - August 16, 2020, 8:34 pm

    जय हिन्द जय भारत
    बहुत सुन्दर कविता

  39. Nirmala Joshi - August 16, 2020, 8:36 pm

    लाजवाब ददा

  40. Joshi Navin chandra - August 16, 2020, 8:39 pm

    बहुत सुन्दर वाह ।।

  41. tiwari brother - August 16, 2020, 10:33 pm

    बहुत सुंदर

  42. Renu Santosh - August 16, 2020, 11:04 pm

    Aapki kaveetha ko shat shat naman. Bahut badiya aur sundar kaveetha.

  43. Santhosh Joshi - August 16, 2020, 11:27 pm

    आपकी कविता मन को लुभा देने वाली है। मेरी शुभकामना है कि यह कविता बड़ी लोग प्रिय होगी।

  44. Roshan Lal - August 17, 2020, 2:51 pm

    बहुत सुंदर कविता, वाह वाह

    • Piyush Joshi - August 18, 2020, 6:16 pm

      जय हिंद कहने को स्वतः ही मन उद्वेलित हो रहा है।

    • Satish Pandey - August 18, 2020, 8:07 pm

      बहुत बहुत धन्यवाद जी

  45. Roshan Lal - August 17, 2020, 2:51 pm

    बहुत ही बढ़िया

  46. naveen Oli - August 17, 2020, 5:39 pm

    Very good poetry, aapke kaavya paath ki baat hi nirali hai

  47. naveen Oli - August 17, 2020, 5:40 pm

    Bahut khoob, bahut khoob

  48. Kuldeep Deep - August 17, 2020, 6:38 pm

    बहुत खूब, बहुत अच्छी कविता, मां सरस्वती की कृपा बनी रहे

  49. Kuldeep Deep - August 17, 2020, 6:39 pm

    शानदार कविता पाठ

  50. Rajiv Pandey - August 17, 2020, 7:16 pm

    Very nice poem

  51. Rajiv Pandey - August 17, 2020, 7:16 pm

    Bahut achcha Kavita paath

  52. Chandra Pandey - August 17, 2020, 8:27 pm

    आपकी कविता काफी अच्छी है, तभी उसे इतना समर्थन मिल रहा है। यह प्रतियोगिता की कविता है, और बहूत उच्चस्तरीय कविता पाठ आपके द्वारा किया गया है। ऐसे में आप यह भी देखेंगे कि कुछ कवि समर्थक व्यापक लाइक और कमेंट को देखकर यह भी लिखने लगे कि कमेंट नहीं गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाये। उनका यह कथन कैसा होगा वे खुद ही जानें। लेकिन साहित्यिक जानकार मानवीय प्रवृत्ति को खूब जानते हैं। इससे परेशान होने की आवश्यकता नहीं, गलत लिखने वाले और लिखाने वाले स्वयं के लिए पुण्य अर्जित करते हैं, इसलिए आप लगे रहिए। आपकी कविता की गुणवत्ता उच्च है और काव्य पाठ शानदार है।

    • Piyush Joshi - August 18, 2020, 6:18 pm

      अत्यंत सुंदर कविता गायन किया है।

    • Satish Pandey - August 18, 2020, 8:10 pm

      सब अच्छा है
      सब सुन्दर सब विरुज शरीरा
      प्रेम सबसे बड़ा है, जय हिंद

  53. tiwari brother - August 17, 2020, 10:24 pm

    Nice line

  54. RAVI TIWARI - August 17, 2020, 10:29 pm

    बहुत खूब

  55. Ravi Tiwari - August 17, 2020, 10:32 pm

    लगे रहो चाचा जी

  56. RAVI TIWARI - August 17, 2020, 10:36 pm

    बहुत अच्छी कविता

  57. Jagdish Tiwari - August 17, 2020, 10:39 pm

    Nice poem

  58. RAVI TIWARI - August 17, 2020, 10:45 pm

    Nice poem

  59. rajiv pandey - August 18, 2020, 9:45 am

    Nice poem

  60. Mohan Pandey - August 18, 2020, 10:07 am

    Bahut logon, atisundar

  61. tiwari brother - August 18, 2020, 12:47 pm

    Nice

  62. RAVI TIWARI - August 18, 2020, 12:49 pm

    Nice

  63. Ravi Tiwari - August 18, 2020, 12:51 pm

    Nice

  64. RAVI TIWARI - August 18, 2020, 12:53 pm

    Nice

  65. Jagdish Tiwari - August 18, 2020, 12:55 pm

    Nice

  66. S C Pandey - August 18, 2020, 2:53 pm

    बहुत ही शानदार कविता पाठ, शब्दों का यह जोश बना रहे

  67. S C Pandey - August 18, 2020, 2:54 pm

    कविता सुनकर मन प्रसन्न हो गया

  68. Satish Pandey - August 18, 2020, 7:59 pm

    सादर धन्यवाद जी

  69. Indra Pandey - August 18, 2020, 8:33 pm

    बहुत ही बेहतरीन काव्य पाठ, वाह

  70. Chetna jankalyan Avam sanskritik utthan samiti - August 18, 2020, 8:36 pm

    शानदार, अतिसुन्दर, माँ भारती के चरणों में बेहतरीन कविता

  71. Chetna jankalyan Avam sanskritik utthan samiti - August 18, 2020, 8:36 pm

    आपकी काव्य प्रतिभा निराली है

  72. Raghav Sharma - August 18, 2020, 8:58 pm

    अध्भुत्, भोत खूब l

  73. Ramu Joshi - August 18, 2020, 10:44 pm

    देशभक्ति वाह, सुंदर कविता, जय हो, वाणी की यह निखरी लय बनी रहे। शमा बांध दिया, अतिसुन्दर

  74. Ramu Joshi - August 18, 2020, 10:46 pm

    वाह जी वाह, बहुत गजब कविता है

  75. Indu Pandey - August 18, 2020, 10:53 pm

    आपके द्वारा बहुत ही सुन्दर और उत्तम काव्य पाठ किया गया है, इस कविता को सुनकर रोम रोम झंकृत हो रहा है,

  76. Ramesh Joshi - August 18, 2020, 10:57 pm

    लाजबाब कविता, सुनकर आनंद आ गया। ऐसे ही काव्य सेवा करते रहिए। सरस्वती मां हमेशा वरदायिनी रहें।

  77. Ramesh Joshi - August 18, 2020, 11:16 pm

    जय हिंद

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