खुश रहना हंसना तुम सीखो। दुखों से भी लड़ना तुम सीखो । तूफानों को झेलना सीखो। चट्टानों सा बनकर देखो । आकाश में उड़ते पंछी देखो। कैसे नदिया बहती देखो। काम करें सब अपना सीखो। […]

पूर्णता की खोज संपूर्ण होने के लिए , पूर्ण होने के लिए। नये मार्ग ढूंढता रहा आगे ही मै बढ़ता रहा। पर बाद में समझा ये शब्द। मोक्ष प्राप्ति ही पूर्णता है, जग में फैली […]

संगीत दिलों में बजता हैं जब, धड़कने सुरीली हो जाती। हर आहट एक मीठी दस्तक, चेहरे पर हंसी खिला जाती। खुद से बातें करते रहना, खोए खोए से यूं रहना, बात करें यदि तुमसे कोई, […]

जीवन में मिले थे लोग बहुत, कुछ छूट गए कुछ साथ चले। कुछ से अद्भुत सा रिश्ता मिला, कुछ ने अनसुलझे एहसास दिये। कैसा आत्मीयता का बंधन था, शायद पिछले जन्म का चंदन था। जो […]

जिंदगी के सुरों में यदि तासीर चाहिए, तो वफा ईमानदारी और बस प्यार चाहिए। वरना सारे सुर , बेसुरे नजर आएंगे। प्रेम को वो सौंदर्य पूर्ण … समुंद्र सी गहराईया ना दे पाएंगे। इंद्रधनुषी रंग […]

मेरी बूढ़ी नानी आंखों पर चश्मा , सन से सफेद बाल , सुंदरता की आज भी मिसाल। कांपती सी आवाज, थोड़ा कम सुनते से कान लेकिन आज भी उनका व्यक्तित्व, है बेमिसाल प्यार और दुआएं […]

फूल लताओं को समेट कर रखता मेरा गांव नल कूप को सहेज कर रखता मेरा गांव रिस्ते को मदमस्त खुशहाल रखता मेरा गांव मिट्टी की खुशबू को सहेज कर रखता मेरा गांव महेश गुप्ता जौनपुरी

गरीबी का दर्द क्या दर्द देखेगी दुनिया तेरी सुख गया है आंखों के पानी रिमझिम बारिश की फुहार में समेट रखा है आंचल में गरीब तेरी कहानी को उपहास बनायेगी ये दुनिया तू कल भी […]

वीर शहीद भगत सिंह भगत सिंह सुखदेव राजगुरु थे वीर बहादुर आजादी के तराने के लिए झूल गये फांसी पर भारत मां का नारा लगा कर चूम गये माटी को हमें अभिमान है वीर जवान […]

मां बाप की लाडली होती बिटिया जीवन को रोशन करती है बिटिया घर परिवार को समेट कर रखती बिटिया रिस्ते कि बागडोर को निभाती बिटिया सुख दुख में साथ निभाती बिटिया जिम्मेदारी से कभी ना […]

नौ दिन क कलशा रखले बाडी माई होके शेरवा पर सवार आई जइतु गऊआ हमार चमचम चमकेला बिंदिया ए माई सुनर सुनर पऊआ में लागल बा महावर हाथवा में सोहेल गंदा चक्र ए माई महेश […]

मेरे गलती पर साहब भौं भौं करके दौड़ लगाते, कानुनी नियम का पाठ पढ़ाकर पैसा जनता से खुब ऐंठते, ये कैसा कानून व्यवस्था है हमको भी बतलाओ यारों, नेता गिरी है या दादागिरी कोई तो […]

वह राणा अपना कहाँ गया , जो रण में हुंकारें भरता था। वह महा प्रतापी कहाँ गया, जिससे काल युद्ध में डरता था । जिसके चेतक को देख – देख , मृगराज दंडवत करता था। […]

जीवन मेरा बहुत कठिन है, पर ना चाहूं मुड़कर देखना | रख ली है कुछ पुरानी यादे समेटकर, ना चाहूँ उनको फेंकना | झूठा मुखौटा लगाकर, क्यों चाहते हो, जज्बातों से यूँ खेलना | दिल […]

लोगो की नफरतो के आगे, खुद्दार कभी झुकता नहीं| अडचन चाहे कितनी भी आये, चलते चलते वो रुकता नहीं| महफिलों की रौनको से, फर्क उसे पड़ता नहीं| संघर्ष की मशाल लिए वो, भागता हुआ थकता […]

साम दाम दण्ड भेद से मुकाम तो पा लोगे। पर आईने में खुद से, क्या नजरें मिला लोगे? काबिलियत कितनी है, गिरेबां में झाँक लो, काबिल हकदार से उसका हक तो चुरा लोगे। पर आईने […]

सह आंखो से देखे तो पड़ जाता है पाला कोई हाथों से छीनकर खा जाता निवाला क्या होगा यहां उन मासूम पंख परिंदो का आज कल बस्तियो में खूब होता है घोटाला

छप्पन भोग लगा कर बेटा आज नदी के पास बैठा है पिण्ड बनाकर मेवे का ढोंग देखो रचा कर बैठा है जो मर गये एक निवाले के लिए घुट-घुट कर चार दिवारी में क्या क्या […]

मंजर वो आते हैं याद, नहीं भूल सकती वो याद, था छोटा सा गांव अपना, कितने मस्त थे हम वहां, सब कुछ लगता था अपना. जो बन गया अब सपना, वो था बचपन अपना. लगे […]

हर तरफ उजाला हो ये जरुरी तो नहीं मुझे धीमी रोशनी भी अच्छी लगती है यहाँ हर कोई एक आरज़ू ओढ़े बैठा है पर सबकी जरुरी हो ये जरुरी तो नहीं मुझे कमियां भी अच्छी […]

बेटी कभी तेरी पायल की झंकार सुनाई देती है, बेटी कभी तेरी चीखों की पुकार सुनाई देती है। बेटी ये देश है तुझ जैसी महान वीरांगनाओं का, बेटी तुझ में वीरांगना सी ललकार सुनाई देती […]

बेटी कभी तेरी पायल की झंकार सुनाई देती है, बेटी कभी तेरी चीखों की पुकार सुनाई देती है। बेटी ये देश है तुझ जैसी महान वीरांगनाओं का, बेटी तुझ में वीरांगना सी ललकार सुनाई देती […]

जहाँ में बेटियों को आज भी अपना इख्तियार चाहिए, गर्व से जीने बेटी आज वीरांगना सी ललकार चाहिए। आँगन में अपने ही क्यों महफूज नही होती है बेटियाँ, खुद की हिफाजत खुद करने हाथ में […]

चले हम उस रह पर,जो रह बापू ने दिखाई, छलके चरित्र मे सबके सदा जीवन और सचाई | खुशियों से भर जाये हर एक आंगन, देश को चाहिए गाँधीवादी शासन | बिना खून बहाये, बिना […]

हर साल मेरी पुस्तक (हिंदी )मे, महात्मा गाँधी का पाठ जरूर होता है | बापू का व्यक्तिव याद करता हूँ, तो “सदा जीवन, उच्च विचार ” याद आता है | बापू फिर से आकर, देश […]

हाथ मे डंडा, बदन पर धोती ऐनक पहने रहते थे दुबली पतली काया थी पर देश प्रेम में रहते थे दो ही शब्दों को ही लेकर विजय पथ पर निकले थे सत्य अहिंसा के ही […]

जिनके एक आवाहन पर सबने अपने हाथ उठाये थे, कदम-कदम पर अंग्रेजी शासन के छक्के साथ छुड़ाए थे, जिनके कहने पर अस्त्र वस्त्र सब मिलकर साथ जलाये थे, सत्य-अहिंसा के अचूक तब शस्त्र सशक्त उठाये […]

महात्मा गांधी —————— 🙈🙉🙊 बाहर से गंभीर धीर,👴 जज्बों से थे तूफानी।🌋 अंग्रेजों के पैर उखाड़ गए, वो नाम था गांधी।🤓 अल्पाहारी, शाकाहारी, 🌿🌾 सत्य निष्ठ, अवतारी,👼 बैरिस्टर से साधु बन गए, मानवता के पुजारी […]

गांधी जी पर कविता तो हर कोई रचते हैं। आओ बापू के विचारों पर चर्चा करते हैं। बापू ने कहा था बुरा मत देखो। मैं मुँह फेर लेता हूँ, देख कमजोरों पर अत्याचार होते। मैं […]

गुलामी की धांस में अत्याचारों की बांस में देश था बिलकुल सड़ गया | तब उठ खड़ा हुआ एक अहिंसक योद्धा, जो लाठी लिए फिरंगी से लड़ गया | कुचलता हुआ अंग्रेजी सरकार के इरादे, […]

सितंबर महीने में जुलाई की बारिश, यूं तो मनभावन लगती है बारिश, पर उन लोगों का क्या ! खोया है जिन्होंने अपनों को! क्या है ईश्वर तेरी लीला! पल में चमन था जो पल में […]

मेरे बापू गांधी दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था गर्व था देशवासियों को […]

गांधी नहीं सिर्फ नाम है, वो देश का मान है नोटों पर देख तस्वीर, ना सोचो खास इंसान है वो हममें से ही आने वाला बिल्कुल आम इंसान है सिर्फ और सिर्फ भारत में ही, […]

कारण जिसके हर हिंदवासी, आजाद हवा में रहता है कारण जिसके आज विदेश में, सर उठा के भारत चलता है उस मां भारत के वीर पुत्र को, श्रद्धा सुमन चढ़ाने आया हूं मै उस आंधी […]

हर साल मेरी पुस्तक (हिंदी)मे, पाठ महात्मा गाँधी का होता है, बापू का व्यक्तित्व याद है पर, असल जिंदगी मे कोई असर नहीं इसका होता आता है | बापू फिर से आकर, देश बचा लो, […]

मेरी कलम , जिससे कुछ ऐसा लिखूँ के शब्दों में छुपे एहसास को कागज़ पे उतार पाऊँ और मरने के बाद भी अपनी कविता से पहचाना जाऊँ मुझे शौक नहीं मशहूर होने का बस इतनी […]

मेरे बापू गांधीजी दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था गर्व था देशवासियों को […]

प्रेयसी — तुम्हे मै प्यार करू या ना करू, ये है मेरी मर्ज़ी | तुम्हे मुझसे प्यार है तो, सिर्फ लगा सकते हो अर्जी | प्रेमी — सच्चा प्यार करता हूँ तुमसे, नहीं आशिक हूँ […]

मानते हो सब नारी का सम्मान हो, फिर भी, इनका ये हाल क्यों? चढ़ती हैं भेंट हर युग में नारी ही क्यों ? राम ने त्यागा सीता को, हुई चीरहरण द्रौपदी का, अब कलयुग में […]

कोई शाम ऐसी भी तो हो जब तुम लौट आओ घर को और कोई बहाना बाकी न हो मुदत्तों भागते रहे खुद से जो चाहा तुमने न कहा खुद से तुम्हारी हर फर्माइश पूरी कर […]

ये जिंदगी भी कैसे करवट बदलती है । इस करवट खुशी, दूसरे गम मिलती है। रेत की मानिंद हो गई हसरतें सारी, जितना समेटो, मुठ्ठी से फिसलती है। जमीं छोड़ा आसमां छूने की ख्वाहिश में, […]