बादिया सी जिंदगी में आप बादल बन के बरसे, खूब हरियाली सजा दी जिंदगी के रोम हरषे। ख्वाब में सोचा न था आपको पाएंगे हम आपके आने से सचमुच चल गए जीवन चरखे। शब्दार्थ – […]

नाफ़हम मत समझना हम इशारा जानते हैं, आपकी नज़रों की जुम्बिश की दिशा पहचानते हैं। जर्ब मत दो इस तरह सीने में अपने नैन से सह न पाएंगे न जी पाएंगे फिर हम चैन से। […]

************* हे आराध्य प्रेम ! आज मैं तुम्हें प्रणाम करती हूँ क्योंकि तुम ही हो जिसने मुझे जैविक से सामाजिक प्राणी बनाया मेरे अन्तस में भाव स्फुटित हुए मन के कोंण रोम-रोम को सहला बैठे […]

हे हिमाद्रि ! सदियों से जब मैं नहीं थी तब भी तुम यूँ ही अडिग खड़े थे और आज भी एक इंच तक ना हटे भारत का शीर्ष मुकुट बनकर खड़े हो तुम गंगा को […]

हम आंखों से नहीं मुख से बात करते हैं जिसे चाहते हैं खुल के प्यार करते हैं। यह न समझो कि हम इजहार नहीं करते हैं, बड़ों के सामने थोड़ा लिहाज करते हैं। नुमाइश नहीं […]

शिव गिरिजा संग आए घूमने पृथ्वी लोक में एक बार। कहीं पे देखा झगड़ा -झंझट और कहीं पे देखा प्यार।। पति -पत्नी की जोड़ी कोई झगड़ रहे थे आपस में। छींटाकसी और गालियों से माहौल […]

इत्तिफाक से हमने गुजीता किया जब आपके चमन को, गिरफ्तार कर लिया तब आपने हमारे गुमगश्ता मन को। अब ऐसा लगता है इत्तमाम पा लिया है, आप हैं तो जीने का इंतजाम पा लिया है।

जब से तुझसे मिला दुगनी हयात होती गई, मेरे लिए तू मेरी कायनात होती गई.. यूँ रहा रंग भी अब तक की मुलाकातों का, के लब खामोश थे आँखों से बात होती गई.. न कोई […]

…….. हास्य- रचना.. विवाहित व्यक्ति, पत्नी से शिकायत करे यूं, क्या कमाल की सब्जी बनाई है, लव यू । बस, नमक थोड़ा सा ज्यादा है, सुनो, आज तुम्हारा क्या इरादा है । मेहमान आएं तो […]

ठीक कहा तुमने पायें यदि मानव तन अगले जनम में, या बनें, कीट, पतंग, जंगली जानवर, अपनों के बीच अपने हो सकने वालों के बीच ही जनम पायें। न जुदाई का भय हो न दूर […]

मासूम बचपन कुचला जा रहा भीतर से सहमा, बाहर से उददंड हुया बिखरता हुया , गैज़ेटस के तले , अपनों के स्नेह-सानिध्य से वंचित सहमा हुया, आयायों के तले , सर्वगुण- संपन्न बनाने की होड़ […]

अब्सार आपके समुन्दर हैं प्यार के, सुकूँ मिल रहा है, आपको निहार के। प्रातः की बेला है नई रोशनी है, आप हो बगल में और क्या कमी है। सदा पास रहना यूँ ही मुस्कुराना, यही […]

आपने जब हमें मित्र अपना कह दिया यकीन मानिए, जलवा हमारा बढ़ गया। अब ये माथा आपका झुकने न देंगे हम कभी आपको सिर-माथ पर हमने सजा कर रख लिया।

आज भी हम तुम्हारी एक ही मुस्कान पर, सैकड़ों शायरी बना सकते हैं तुम मुस्कान तो दो। आज भी शब्दों के फूलों को बिछाकर राह में स्वागत करेंगे, तुम, हमें आने का कुछ पैगाम तो […]

कवि कलम कहती है मत रह तू निराशा में पथिक, भूल जा बीती सभी कुछ चुन नई राहें पथिक। याद मत कर दर्द को या दर्द की उस बात को तू, भूल जा बच्चा सा […]

तेरे प्यार मे इतने दिवाने थे मेरे सनम के तेरे नाम को अपनी हतेली पर जबरन जोड चुके थे हम अच्छी वाली जिंदगी का ख्वाब तेरे संग ही बुना करते थे हम एक पल भी […]

मेरे होंठों की मुस्कान पर ना जाओ दोस्तों! ये तो मेरे यार की तरह फरेबी है! मेरे आँसू हैं मेरी असली पहचान जो बंद कमरे निकलते हैं कभी तकिये से आकर पूँछों हम उसे कितना […]

फिर मुस्कुरा दो ठीक वैसे ही कि जैसे मुस्कुराए थे मिले पहली दफा जब। जिंदगी की आपाधापी चलती रहेगी अंत तक प्रेम को भी दें समय सच्चा यही है फलसफा अब।

मेरे जीवन की कहानी दुःख ही रही आखिर क्या लिखूँ आज जो अभी तक मैंने लिखा नहीं… विधाता ने मेरे भाग्य में आँसुओं के सिवा कुछ भी लिखा नहीं… मेरे पतझड़ समान जीवन पर बरसात […]

कुर्सी क्या है ? कितना मुश्किल है इसे समझना। सब राजनीति की संरचना है, सुन रखे हैं पुराने वादें, अब नए वादों में फंसना है। ये तो कुर्सी का मसला है। कहीं सत्ता की चाल […]

“आज जरुरत है हिंदी की” आज जरुरत है हिंदी की हम सबको जोड़े रखने की शोषण – अत्याचार मिटा कर देश में अमन जगाने की आज जरुरत है हिंदी की ……………. स्वतंत्रता के घन-घोर संघर्ष […]

हमें क्या गिरा पाओगे, हमें क्या मिटा पाओगे, जो जवानी में गिर गिर के चलना सिखा हो, कभी आंसू तो कभी जहर पीना सिखा हो, आज खुश है हमें छोड़ कर, यारों हम भी खुश […]

कुछ भी उसमें खास नहीं था, फिर भी उसे दिल में बसाया था, कोई हमसे छीन ना ले.. हर दिन खुदा से दुआएं किया करता था मेरी तकदीर है, मेरी जन्नत की लकीर है, खुदा […]