??????(मुक्तक)???????? ????????? माँ चरण आपके स्वर्ग का रूप है। माँ सभी शक्तियो का मिला रूप है। जिंदगी श्याम मेरी न होगी कभी। माँ नजर आपकी प्रेम का धूप है। ????????? रचनाकार अविनाश सिंह अमेठिया (देवरिया) […]

  पूर्व की हवाएँ जब भी बदलता है मौसम वसंत के बादऔर ग्रीष्म के पहले का लंबा अंतराल तो सूर्य के विरुद्ध जा कर पुरबवैयाँ चलती हैं। गाँव में कहावत है ऐसे मौसम में मत […]

तेरी लहर मिल गयी है यादों की फिर से! तस्वीर मिल गयी है इरादों की फिर से! डूबी है फिर जिन्दगी तेरे अफसानों में, जागीर मिल गयी है मुरादों की फिर से! Composed By #महादेव

मुझे तुम किसलिए जगाते हो यूँ रातों में? नींद आती नहीं ख्वाहिश-ए-मुलाकातों में! लिपट गयी हैं हसरतें यादों से इसतरह, जिन्दगी मदहोश है तेरे ख्यालातों में! Composed By #महादेव

मेरी चिरइया मेरी चिरईया कुंदति फांदती , कब बड़ी हो गई मुझे पता ही नहीं चला ठुमक ठुमक के चलने वाली कब पैरों पर चलने लगी कभी मचलती इन्ना ,कभी किलकारियों के साथ उसका वो […]

आँगन में जो फुदक रही थी एक छोटी सी चिड़िया! दौड़ी उसे पकड़ने उसके पीछे छोटी बिटिया!! बोली मैंने आज पढ़ा है तू है दुर्लभ प्राणी! तुझे संजोना है हम सब को देकर दाना पानी […]

मां वीणा वादिनी का नमन करते हुए इस नये सफर की शुरुआत करता हूं   मा शारदे मेरी मा शारदे सद्विचारो भरा हमको संसार दे मा शारदे मेरी मा शारदे। अपनी ममता की बारिश की […]

मैने दिल को कितनी बार समझाया, उसे याद न कर वो अब किसी और की है। उसके लिए खुद को बर्बाद मत कर। माना मुश्किल है।उसे भुलाना पर पाना भी उसे अब मुमकिन नहीं। फिर […]

समझदार हो गर, तो फिर खुद ही समझो। बताने से समझे तो क्या फायदा है॥ जो हो ख़ैरियतमंद सच्चे हमारे, तो हालत हमारी ख़ुद ही देख जाओ। जो ख़ुद जान पाए न हालत हमारी, दिखाने […]

मेरा जीवन कब मेरा है बस आती जाती सांसें हैं इसमें सुख दुख दूजों का है वे दूजे मेरे अपने हैं ! जब जब कोई मेरा अपना हँसता है मैं हंस लेती हूँ ! जब […]

पहला प्यार सुनते ही उछल पड़ता है ख्यालों का असीम समन्दर पर समझ न आता क्या लिखूं बस तुम वैसे ही थे जैसे खिल उठता है सूरज को देख सूरजमुखी का चेहरा, वैसे ही जैसे […]

सुन लो मेरी आह पिया जी , एकला मुश्किल राह पिया जी ….                          राम हृदय दुर्लभ जग में हैं , परख के बोलो शाह पिया जी …. सिरफ़ रात तक चाँद तुम्हारा , करता […]

अकेला ही सही पर मैं चला करता हूँ नाम तेरे से, दिल में हौसला करता हूँ,, कभी जी लेता हूँ खुद के वास्ते मैं भी पिलाके पानी चिड़ियों का भला करता हूँ,, बनने बिगड़ने की […]

हर दर्द मां सहती रही, पूरी मेरी हर बात की., हर जिद को मेरी मान के हर वक्त मेरे साथ थी, अब मै बडा़ जबहो गया कैसे भुलादूं मां को मै , दुनियाँ ही मेरी […]

~~”मजदुर”~~ ..वह ‘सृजनकर्ता’ है ‘दुख’ सहके भी ‘सुख’ बांटता है.. ..वो ‘मजे’ में ‘चूर’ हैं, बस इसलिए ‘मग़रूर’ हैं.. ..हम ‘मजे’ से ‘दूर’ हैं, बस इसलिए ‘मजदूर’ हैं.. ..सेतु , नेहेरे , बांध उसके, ‘श्रम’ […]

रात घनी अंधेर बड़ी है, फिर से राम पधारो जी | देव संत और मनुज उबारो, दुष्टन को संघारो जी || काहू सो कहूँ ब्यथा अपनी मैं नित ही पंथ निहारूं | दनुजन को तुम […]

बेड़ियां जो पैरों में उसे घुंघरू बना लें आओ ज़िंदगी का मज़ा लें नाच ,गा लें औरों को नचा दें ज़िंदगी को खुशियों से सज़ा लें आओ बाधाओं को अवसर बना लें सूखती नदियों में […]

आपकी बहुत याद है आती आपकी बहुत याद आती है , साथ आपका ,बातें आपकी,मुस्कान हो या चाहत आपकी, सब दिल में है, कुछ कहती और चली जाती , शायद इसे आपकी बहुत याद है आती, बोले […]