शायरी
मंजिल तक पहुँचने में कठिनाइयां न आएं तो मजा नहीं आता, कोई बेवजह दर्द दे तो सहा नहीं जाता।
मंजिल तक पहुँचने में कठिनाइयां न आएं तो मजा नहीं आता, कोई बेवजह दर्द दे तो सहा नहीं जाता।
करते रहो संघर्ष तुम संघर्ष से ही पा सकोगे, बस संघर्ष झगडे सा नहीं बल्कि मेहनत से आगे बढ़ने का हो, कुछ अच्छा करने का…
जिसको बोल कर, मन हो जाए प्रसन्न , ऐसी मेरी यह भाषा है । भाव को मेरे बना दे दर्पण , करती है शब्दों का…
मैंने राखी भेजी है राखी पर अपने भैया को भैया इस बार पहन लेना पिछली बार की तरह इसे साइड पर को मत रख देना…
ओ डाकिये!! मेरी राखी पहुंचा देना राखी तक उन तक जो देश की रक्षा करने को सीमा में डटे हुए हैं।
इतना न दूसरे से परेशान होइए प्यार कीजिये, मनुहार कीजिये रूठे हुए दिलों को मनाने के वास्ते मनुहार कीजिये इजहार कीजिये
कुछ इधर से खाया कुछ उधर से मोटे पेट हो गए रात भर नकली नोट छापे सुबह सेठ हो गए
दूसरे को आगे बढ़ते देख वे ऐसे दुखी हुए रात भर सोये नहीं सुबह सुखी हुए
उनके शहर में, हम बेकार आ गए, उनका खरीदा था शहर, हम बेकार आ गए।
कितना अच्छा होता! अगर ऐसे ही हमारे नाम भी अलग होते , और काम भी अलग-अलग होते , मगर, जात और धर्म एक ही होती,…
कितना अच्छा होता! अगर ऐसे ही हमारे नाम भी अलग होते , और काम भी अलग-अलग होते , मगर, जात और धर्म एक ही होती,…
हे परमवीर हे युद्धवीर हे शरहद के रक्षक दुश्मन के खातिर एक नकेल मैं देता हूँ। दुश्मन मिल जाए गर्दिश में जिससे मिनटों में एक…
पढ़ने लिखने में मन लगाकर कुछ आगे बढ़ने की सोच रखो बच्चो कुछ बनने की सोच रखो
बेटी कोई वस्तु नहीं जो जो उसका दान करोगे, बेटी तो बेटी है, क्यों बेटी का दान करोगे। ब्याह करो पर दान नहीं क्या यह…
किताबों से अच्छे मित्र कहां हैं, कविता से अच्छे चित्र कहां हैं। दुखी हो के ना बैठ “गीता”, “सावन” पे जाओ, सखी, दोस्त, बंधु यहां…
देश भक्ति की सरिता बहे देश भक्ति की कविता बहे ऐसी बरसात हो देश भक्ति की बाढ़ हो
प्यारी सी शुभरात्रि है सभी को कविता यूँ ही खिलती रहे सावन में बरसती रहे
प्यारी वर्षा ऋतु में देखो कितनी सुन्दर हरियाली है, नाहा रहे हैं सारे पौधे शाखाएं क्या मतवाली हैं,
वीरों को नमन सैनिकों को नमन जो भी सीमा में प्रहरी तैनात हैं उन सभी को नमन जय हिन्द जय हिन्द
गांव का मकान रोता तो होगा। मेरे आने की आस में सोता ना होगा।। ख़ुद को संभालने की कोशिश करता। घुट घुट के खंडहर होता…
मेरे घर में रहे तो फिर किराया दे गए होते भंवर में था , मुझे कोई किनारा दे गए होते नहीं कुछ और ख्वाहिश है…
देश की रक्षा पहला धर्म देश की रक्षा पहला कर्म, जुटे देश की रक्षा को, नाम देश का ऊंचा हो.
गरीब गरीब रह गया, सेठ सौ गुना सेठ। खाई सा अंतर हुआ, भूख बराबर पेट।।1 गरीबों के उत्थान की, बनी योजना लाख। कागज में पूरी…
आत्मघात, मानसिक पीड़ाएँ, छीना-झपटी, राह भटकना, बेरोजगारी के दुष्प्रभाव हैं, पहला काम हो इसे रोकना.
कितने बदल गये है इंसान। बेच कर अपना ईमान।। सच्चाई से कोस दूर भागे। झूठ के बीज बोये बेईमान।। बुरी नजर वाले का मुंह है…
रख अभी जिंदा मुझे, आंसू बहाने के लिए साथ तेरे प्रेम का रिश्ता निभाने के लिए और कुछ ना मांगता हूं बस यही अरदास है।…
पता नहीं तुम कैसे लिख लेते हो कविता, इतनी आसानी से मेरे तो ख्याल ही गुल रहते है ठहरते ही नहीं कागज पर
बेटियां तो जिंदगी का मूल हैं बेटियां शुभकामना स्फूर्ति हैं, वंश चलने की न कर चिंता मनुज, बेटियां निज वंश की ही पूर्ति हैं,
मत काटो मेरी पंख ;मेरे अपनों मैं बुलंदी के आसमानों में उड़ना जानता हूं। छोड़ दो मुझे मेरे रास्ते पर , मैं ठोकरो से संभलना…
मुझे तेरी हथेली पर जिगर की बात लिखने दे तुझे लव की कसम है आज सारी रात लिखने दे लिहाजा आप मुझसे हो खफा एहसास…
पानी के बुलबुले जैसी जिंदगी है मेरी सुन्दर है, सूरज से रोशन भी मगर कब हो जाये खत्म फ़ूट जाये कब बुलबुला, खबर नहीं
छाती चौड़ी की सिगरेट जलाई, सोचता है इसे पी रहा हूँ। तू नहीं पी रहा इसको प्यारे यह धुंआ तो मजे से तुझे पी रहा।…
लोकतंत्र के वृहद भवन का मुझको स्तम्भ मानो न मानो मैं धरम जाति भेदों से ऊपर आम जनता की बातें लिखूंगा। जो घटित हो रहा…
नाम बदलते रहा मैं चेहरे छुपाता रहा अपनी झूठी पहचान बनाने को पैंतरे बदलता रहा,
सावन मास शिव का मास शिव ही शिव चारों ओर बरसात की बूंदें शिव को करा रही स्नान , देवाधिदेव महादेव का आओ सब करें…
रखे रहो हाथो पे हाथ प्रिया , सोचती रहो कोई अनसोंची बात प्रिया, सर्द हवा के झोंके में, जरा- ठहर जाओ रात प्रिया, हम मिलजुल…
अंगारों से खेलूंगा और तूफ़ा से लड़ जाऊंगा मंज़िल मुठ्ठी में होगी ,ऐसे पीछे पड़ जाऊंगा एक हार से कम ना आंको मुझे जरा दुनिया…
जय महादेव जय मृगपाणी दक्षाध्वरहर जय कामारी शशिशेखर ,नीलकंठ भगवन जय महाकाल जय त्रिपुरारी शिव शंकर, गंगाधर शंभू जय जगद्गुरू जय व्योमकेश मुझे अपनी शरण…
तुम मिटाती रहो मेरे प्यार के सबूत मैं सबूत जुटाता रहूंगा। तुम कितना भी मेरे ख्वाबों से बचना चाहो मैं हर रात ख्वाबों में आता…
स्वप्न में रोज लिखती हूँ तुम्हारे नाम की कविता, कहीं कोई देख ना ले बस इसी चिंता में रहती हूँ, इसलिए उन सबूतों को मिटाकर…
हौंसले के दम पर जीते आ रहा हूं, लहू को बहाकर घूंट पीते आ रहा हूं। पहचान की परवाह करना मैं छोड़ दिया, धर्म कर्म…
नाम पहचान को तांक में रखकर, धर्म कर्म सदैव करते रहना यारों। अजर अमर के ढोंग को त्याग कर, मरकर ख्वाहिश फूलों का ना करो।।…
हारा प्राणी हारा प्राणी धूल चटाता, जीता प्राणी टेस में जीता। जागरूक हमेशा लड़ता है, हालातों से कभी नहीं घबराता।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी
बड़ी बड़ी बाते से हौसला मिलता, चींटी के कहर से हाथी मरता । ईर्ष्या बड़े बड़े को नाश करता, छोटे बनने से बहुत कुछ मिलता।।…
तन मन में मेरे ज्वाला धधक रहा, सीने में मेरे बदले की भावना पनप रहा। दूर हो जा मेरे नज़रों से पापी पाकिस्तानी, तेरे दशहतगर्द…
आज राजनिति का लगता है भोर हुआ है, चारों तरफ नेता जी का मचा शोर हुआ है। आंख खुला नेता जी का जथ्था देखा घर…
देश समाज में ये क्या फैला है, आतंक का बजता बिगुल यहां हैं। देख कर अहर्निश का अपराध, रो रो कर मेरा बुरा हाल हुआ…
आतंक का आओ मिलकर नाश करें, चोर उचक्कों का चलो पर्दाफाश करें। छोटे मोटे गुंडे मवाली को सबक सिखा, उनके अपराधी हौसले का अंत करें।।…
अपराधी खुल्लम खुल्ला घूमें, चमचों का जब बाजार गरम हो, नेता जब जनता का कदम चूमें, तब समझो चुनाव का भोर हुआ हैं।। ✍महेश गुप्ता…
मुझे देख तुम्हें सच में रोना आता हैं, मैं खुश हूँ इंसानियत को जिंदा देखकर। हालातों को देख मुँह फेरने वाले सैकड़ों हैं, एक जिंदा…
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