चोर
चोर चोर मौसेरा भाई, नेता अपराधी जट्टे बट्टे। काम निकालते बनकर सच्चे, अपराध को बढाते बनकर अच्छे।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
चोर चोर मौसेरा भाई, नेता अपराधी जट्टे बट्टे। काम निकालते बनकर सच्चे, अपराध को बढाते बनकर अच्छे।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
दिल्ली के चोर सन्नाम हैं जहाँ में, नेता और चोर बेइमान हैं वहाँ के। कभी मत आना उनके झांसे में, फ्री फ्री बोलकर ठगते बहुत…
दिल की सुनो दिल से करो बात, इंसानियत को जगाओ मित्र करो ना रात। रब से करो तुम अपने दुख का फरियाद, अपने प्यार को…
बरसात हो रही है मन झूम रहा है ऐसे ऊँचे ऊँचे पेड़ों की पंत्तियां झूम रही हैं जैसे, रिम झिम छम छम छम छम छम…
आग जलने दो यारों, धुआं ना करो दिल के जख्मों को गहरा कुआं ना करो मर ही जाने दो मुझको तुम्हें है कसम मेरे जीने…
आम खाके गुठलियों का ढेर लगाना है मेरी नहीं फ़ितरत। एक गुठली से बृक्ष लगाना, चाह मेरी और मेरी यही फितरत।।
तुम्हारे प्यार में मैं क्या से क्या हो गया, कभी मिट्टी का दीया कभी मटका बन गया, जब देखा तुम्हारो हाथों में गैर का हाथ।…
आतंकी गुंडे मवालियों का जात धर्म नहीं होता, सपनों में भी हत्यारो से अच्छा कर्म नहीं होता। गुंडे बदमाश के लिए आलाप कढ़ाने वाले आस्तीन,…
संवेदनाएं मर चुकी हैं आज सब किस तरह कविता कहूं तुम ही कहो सब दिखावा है मेरे व्यवहार में किस तरह कविता कहूं तुम ही…
देखी दुनिया सारी फिर भी रहे अनाड़ी कर कुछ भी न पाए वो बनते रहे खिलाडी
सुनाती नहीं मैं अपना गम किसी को तो खुशियों का इजहार करूँ कैसे, मुश्किले है मेरी राह में बहुत मैं अपनी मंजिल पर आगे बढूँ…
दीवारों के भी कान होते है, लोग कहते हैं लेकिन मेरी चीखें क्यों सुन नहीं पाता है मेरा खामोश घर
बिना पत्तों की टहनियां कहां छांव देती हैं जिंदगी से जब ज्यादा मांगो तो हमेशा घाव देती है
कितनी अजीब है दुनिया कितने अजीब है लोगों के काम बटोर रहे हैं दोनों हाथों से जाने को कर खाली झोली तमाम
आज टूट गये हम तुम्हारे वादों की तरह बरस गयी आंखे हमारी बावरे सावन की तरह
जरूरी नहीं कि हर दिल इश्क में टूटा हो अक्सर अपने भी दिल तोड़ दिया करते हैं, खुशियों में तो मशरूफ हो जाते सभी पर…
ख्वाहिशों के बाजार में आयी हूं कुछ खरीदने की खातिर मगर दाम ही इतने है हर ख्वाहिश के कि खाली हाथ ही वापस चली, बन…
चाय में डूबे बिस्किट सी हो गयी है जिंदगी कब टूट जाये, कब घुल जाये खबर नहीं
अपने आवाज को बुलंद करके देखो, अपने वाणी में मधुरता घोल करके देखो। पावनता में तुम एक बार जी कर देखो, रिश्तों को हवा पानी…
शिखर की ऊंचाईयों को टकते सभी, पांव के छाले खून का रिसाव दिखता नहीं। मेहनत हौसले को दुनिया समझती नहीं, यहा के लोग बड़े जालिम…
समाज में धोखेबाजों का लगा अंबार है, असमाजिक तत्वों से भरा संसार है। उग्रता में बह रहा देश का अहंकार, चरित्र के आन बान पर…
आदर्श के बल पर ही टीका है संसार, आदर्श से ही चल रहा रिति व्यवहार। नजर खतरों का अबइशारा हो गया, नजर से नजर मिला…
बातों से कब तक जीते रहेंगे, रहमो करम पर कब तक रहेंगे। उग्रता के शाख पर कब तक बैठोगे, सच्चाई को समझो और बढ़ो तुम…
पगड़ी मत उछालों बीच बाजार में, पग होता है शान नेक इंसान का। झूठ का दामन पकड़ जलील ना करो, इंसानियत का गला घोंटना काम…
नेता जी मिठी बाणी बोले लगता है चुनाव आया है, भरी दोपहरी मेड़ पर डोले लगता तनाव छाया है। याचना में भैया बाबू करके मांगे…
आन बान शान में जले मेरी जवानी, लहू के कतरे को देख तड़पे मेरी जिंदगानी। अहर्निश के वादों को मैं संजो कर रखता, कभी भूल…
तन्हा सफर में मैं आगे बढ़ रहा हूं, मजबूरी की गठरी लेकर चल रहा हूं। वादें पुरा करने को पैदल सफर कर रहा हूं, अपने…
आ गया वक्त अब रहस्य उजागर करने का, यथार्थ के चक्कर में समय ना बर्बाद करो। साधक बनकर देश का कल्याण करो, सांत्वना देकर परेशान…
देशवासियों योग करो तन मन से निरोग रहो, आयुर्वेद योग के अलौकिक गुणों को अपनाकर । अपने इम्यून सिस्टम को हम सभी मजबूत करें, आओ…
हे मां शारदे करो मेरा अभिनन्दन स्वीकार, अज्ञानता को दूर कर करो मातृ हम पर उपकार। हाथ जोड़ विनती करूं शीश झुका करूं प्रणाम, नव…
योग करो निरोग रहो का आन्दोलन चलाना है, घर घर को जागरूक करके अलख जगाना है, नित सुबह और शाम योग करना व करवाना है।…
ताश के पत्तों-सा ढह जाएगा तू एक दिन विलुप्त ही हो जाएगा। यही हरकतें रही ना तेरी चीन तो तू बिन मौत ही हिंदुस्तान के…
चंद सिक्के क्या खत्म हुये रुखसत हो गये जो मेरे करीब थे तनहाई है जो साथ रहती है अब बस खामोशी है जो अजीज है
विनयचंद यूँ रो रो कर कितने को श्रद्धांजलि दोगे। आँसू कम पड़ जाऐंगे तेरे आखिर कितना रोओगे।। सभी शहीदों के खातिर अब अपना शीश झुकाता…
बीस वीरों की टोली में ये सात रत्न बिहारी हैं। शहादत के सात फूल पे ‘विनयचंद ‘बलिहारी है।।
शहीद चंदनकुमार भोजपुर वाले तुम्हें झुककर सलाम हम करते हैं। फूल कहाँ अपनी अंजली में निज अश्कों का दान हम करते हैं।। 🌹 ॐशांतिॐ 🌹
सिंहभूमि के सिंह थे तुम गणेश हंसदा भैया। तेरी शहादत अमर रहेगी सदा सर्वदा भैया।। सम्मान सहित ये ‘विनयचंद ‘ प्रणाम करेगा सदा सदा। साहित्य…
ओस की बूंद चाटकर, हवा वंसती को खाकर। हरियाली का दामन पकड़, खुशी का प्यारे इजहार कर।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
वीरों की शक्ति अजर अमर रहें, थाती देश का सुसज्जित रहें। नयन की भाषा पढ़ना सिखों, अचल संपत्ति का हिसाब रहें।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
ओस की नयना शोभे तन पर, हवा वंसती मोहे मुझको । हरियाली तेरे बदन की सजनी, खुशियों की आभा बनकर बुलाये मुझको।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
हवा का झोंका प्यार का एहसास कराता, ओंस की बूंद तन मन में आग लगाता। हरियाली खेतों की तराशे तुझे सनम, बसंती झोंका खुशीयों का…
आंखों से आंखें जब मिल जाती, प्यार का बिगुल दिल में बज जाती। इशारों की बातें जब जेहन में उतरती, आंखें गड़ाएं नजरें शनम को…
पंच परमेश्वर का राय सदैव लेकर, करते रहना सत्य का अभिषेख। झूठे मक्कार को बेनकाब करके, लिखते रहना तुम सच्चाई पर लेख।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
आंख में मिचोली बहुत हुआ, थाम लो अब मेरा तुम हाथ। प्रेम डगर बहुत कठिन है सनम, हाथों में हाथ लेकर चूम लो माथ।। ✍…
धोखा चाल को करो बेनकाब, पंच परमेश्वर से लगाओ गुहार। सत्य की राह पर चलकर प्यारे, उलझकर में पड़कर ना मानो हार।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
प्रेम डगर आसान नहीं है प्यारे, बरसों लग जाते हैं इसे परखने में। हौसले के दम पर जो लड़ते हैं, प्यार में वही जीत सफल…
आंखों का काम ही है, कहीं ना कहीं टिक जाना। परिस्थितियों को जांच परख कर, हौसले से प्यार का गुल खिलाना।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
प्रेम पथिक जब चलते राहों में, पाकर ही लौटते प्रेमी राहों को। गली मोहल्ले का नाम पता कर, चूम लेते कांटेदार शाखाओं को।। ✍महेश गुप्ता…
प्रेम में दिल का तड़पना होता है, अपने प्रीति को पाने का चाह होता है। दर्द लोक लाज सब बिसरा कर, प्रेमी खुद को पागल…
नजर से नजर मिली दिल की बात कह गयी, दर्द प्यार तड़प और आह की बात कह गयी। छुप छुपकर देखना अच्छा लगा मोहब्बत को,…
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