जिस भजन को सुनके तेरी नैनों से बहते हैं नीर

जिस भजन को सुनके तेरी नैनों से बहते हैं नीर वह भजन हैं तेरे लिए अमृत तुल(तुल्य) (2 बार गाये) ————————————————————————– जिस भजन को सुनके…

क्यूँ मांगे हम हाथ तुम्हारा

क्यूँ मांगे हम हाथ तुम्हारा जब हमें तुम्हारी जरूरत नहीं, हम तुम्हारे काबिल नहीं, तुम हमारे मुनासिब नहीं ।। ——————————— क्यूँ मांगे हम हाथ तुम्हारा…

भव-बंधन हारे

भव-बंधन हारे पार करो अब नईया मेरे तुझ से ही अब सब कुछ मेरा मुझमें नहीं रहा अब कुछ तेरा —————————– भव-बंधन हारे पार करो…

नया साल

भूल जाओ बीता साल जो हुआ सो हुआ कुछ नई उम्मीद ले नया साल आ गया| नए रंग भरेंगे जीवन में कुछ नया करेंगे जीवन…

मा जानकी आरती

जय दुखहरनी जय कल्याणी सीता मईया सब सुख देती जय दुखहरनी जय कल्याणी सीता मईया सब सुख देती ——————————– जय दुखहरनी जय कल्याणी सीता मईया…

जय शिवशंकर गौरीशंकर

जय शिवशंकर गौरीशंकर पार्वतीशिव हरे-हरे (2) रामसखा प्रभु राम के स्वामी, विष्णुवल्लभ भोलेनाथ । जय शिवशंकर गौरीशंकर, पार्वतीशिव हरे-हरे (2) ।।1।। कैलाशपति प्रभु औढ़रदानी, नीलकंठ…

गीत

मेरी सांसों पे तेरा अधिकार हो गया। लो सजना मुझे तुमसे प्यार हो गया।। ना सूरत पसन्द, ना शोहरत पसन्द तेरी चाहत पे ऐसा इकरार…

ॐ साई राम

बाबा जी मैं जपूं तेरा नाम सांई नाम की अलख जगा ले भोली सी सूरत अपने मन में बिठा ले सच्चा प्यारे सांई नाम बाबा…

गणपति बप्पा मोरिया

बुद्धि विनायक पार्वतीनंदन ,मंगलकारी हे गजबंदन वक्रकुंड तुम महाकाय तुम ,करता हूँ तेरा अभिनंदन कंचन -कंचन काया तेरी ,मुखमंडल पर तेज समाया है मूषक वाहन…

अजनबी

आज किसी ने सोये हुये ख्वाबों को जगा दिया भूली हुई थी राहें भटके हुये मुसाफिर को मिला दिया जिंदगी का फलसफा जो कहीं रह…

अपने लहू से

समस्त देशवासियों को #स्वतंत्रता दिवस की 74 वी वर्षगांठ पर हार्दिक मंगलकामनाएँ राजेन्द्र मेश्राम-नील ******************* अपने लहू से तर, धरा का शृंगार कर, सोई हुई…

Karsni leeli

🍀🌹🙏सादर प्रणाम आप सभी सम्मानित जनों को 🍀🌹🙏,,,,,,,,,,कर्ष्ण लीला,,,,,,,, 🍀🌹🙏 तेरी लीला है अपरंपार,, ओ जग के हे पालनहारा ,,,,,,🌻🌻 जनम लियों है मथुरा बीच…

Karsni leeli

🍀🌹🙏सादर प्रणाम आप सभी सम्मानित जनों को 🍀🌹🙏,,,,,,,,,,कर्ष्ण लीला,,,,,,,, 🍀🌹🙏 तेरी लीला है अपरंपार,, ओ जग के हे पालनहारा ,,,,,,🌻🌻 जनम लियों है मथुरा बीच…

संजना

सावन में ए सखी, खनके क्यों कँगना। कोयलिया गीत सुनाए ,क्यों मेरे घर अँगना।। बार बार दिल धड़काए, प्यास जगाए। जाने क्या करेगी, मेरी नादान…

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