अपनी पृथ्वी बचालो – पृथ्वी दिवस पर मेरी नवीन रचना हे भूमिपुत्र आज अपनी, पृथ्वी को बचालो तुम, स्वार्थों से दूर रहकर हाथ अपने मिला लो तुम। पृथ्वी खतरे में है यारों, पर्यावरण बचा लो […]

मैं तुम्हारी धरोहर मैं पृथ्वी बोलूँ आज अपने दिल की, सुनू,देखूँ मैं भी तुमसा तुम ये जानो, बोला तुम्हरा हर शब्द हर पल मैं सुनती, सुनू वो जिसे सुन खिल उठती मैं भी, दिल न […]

होली के रंग में रंग जा मेरे कन्हैया जी, होली आई है मेरे सांवरिया जी, हंसते – गाते, नाचते आना मेरे घर मेरे सांवरिया जी, राधा जी को भी साथ में लाना मेरे सांवरिया, मेरे […]

My Dear Itika My Angel, तुम से ही मेरी जिंदगी है मैं तुम्हें खुद से भी ज्यादा प्यार करती हूँ और मैं किसी भी कीमत पर तुम्हें खोना नहीं चाहती। Dear Itika जब तुम कभी […]

दिलों में बस जाए तो महोब्बत है वो, कभी पत्नी-धर्म तो कभी बहू का कर्तव्य निभाती है वो, कभी बहिन तो कभी ममता की मूरत है वो, उनके आँचल में हैं से चाँद सितारे, कभी […]

My Dear Itika तुम मेरी जिंदगी में सबसे खूबसूरत लड़की हो। इससे से भी बढ़कर तुम एक तुम मेरे प्यारी से बेटी हो। मुझे नाज है कि तुम मेरी बेटी हो। मैं उस दिन की […]

My Dear Itika My Angel, तुम से ही मेरी जिंदगी है मैं तुम्हें खुद से भी ज्यादा प्यार करती हूँ और मैं किसी भी कीमत पर तुम्हें खोना नहीं चाहती। Dear Itika जब तुम कभी […]

हे शिव जफ सफ कुछ ही तेया है, फपय मे साया सॊसाय तेया भेया क्यमं कयता है ? हय इॊसान,हय धड़कन,जीव-जॊतु,मे साया ब्रह्माॊड आफि सफ कुछ ही तेया है,हय कोने – कोने भं,कण – कण […]

प्रेम और त्याग के धागे से जुड़ा है, भाई जैसा मेरा दोस्त और उसकी दोस्ती,दुनिया के सभी रिश्तों में से सब से खास है भाई जैसा मेरा दोस्त और उसकी दोस्ती,दिलों को दिलों से जोड़ने […]

चाहे तुम कभी मुझे से बात मत करना, पर हो सके तो बस Whatsapp Pe Message लिखना, चाहे कुछ भी लिखना जैसे उम्मीदें, आशाएं और मुस्कुराहटें, या फिर कुछ दर्द, कुछ शिकवे, बेशक अपने आंसू […]

हमारे जीवन में एक दोस्त बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। एक दोस्त आपकी जिंदगी को खूबसूरत बना सकता है। हमारी जिंदगी हमारी बचपन कि संगत पर काफी हद तक depend होती है। बचपन में हम […]

Happy International Women’s Day नारी हर घर की शान होती हैं, आज के युग में तो नारी घर के साथ साथ सभी क्षेत्रों में अपना स्थान बना चुकी हैं। महिला समाज एवं परिवार का मुख्य […]

कुछ दावों में, वादों में, कुछ बहकावों में छले गए, भोले-भाले कुछ किसान झूठे भावों में चले गए.. खेतों में पगडण्डी की जो राह बनाया करते थे, आज भटक कर वो खुद ही ऐसे राहों […]

किसान है,भारत की शान है खेत – खलियान की है,जान मेहनत में है ,उनकी अलग पहचान देश को विकसित बनाने में है उनका सबसे बड़ा योगदान देश की अभिमान भारत की है,अलग पहचान किसान है […]

जिस बंदे ने तुम्हारी परोसी थाली है, पर मजबूरन आज उसी की थाली खाली है। और समझो धूप बरसात गर्मी -ठण्डी उन दताओ की वरना राजनीति के चेहरे पर कालिख है। कल जो बादल वर्षा […]

उसके खून से धरती माँ की चुनर लाल है, उस अन्नदाता से ही माँ के लाल लाल है। देखो आज माँ के कुछ लालो ने क्या हाल किया, कुछ लोगो से ही मेरा अन्नदाता आज […]

जो बादल सदैव ही निर्मल वर्षा करते थे निज तपकर अग्नि में तुमको ठण्डक देते थे वह आज गरजकर तुम्हें जगाने आये हैं ओ राजनीति के काले चेहरों ! ध्यान धरो, हम ‘हल की ताकत’ […]

मैं किसान हूं , हां मैं किसान हूं | धरती मां की मैं ही आन बान शान हूं| मैं किसान हूं|| धरती मां को चीर के तुम्हें खिलाया है, अपना पसीना पौछकर तुम्हें जिलाया है, […]

मैं किसान हूं समझता हूं मैं अन्न की कीमत क्योंकि वो मैं ही हूं जो सींचता हूं फसल को अपने खून और पसीने से मरता हूं हर रोज अपने खेत की फ़सल को जिंदा रखने […]

हलधर धरने पर रहा, आस लगाये बैठ। मानेगी सरकार कब, सोच रहा है बैठ। सोच रहा है बैठ, मांग पूरी होगी कब। अकड़ ठंड से गया, ताप सब छीन गया अब। कहे लेखनी आज, व्यथित […]

मैं अन्नदाता देख अपनी थाली में खाना रूखा सूखा, हो उदास सोचे किसान फ़िर एक बार, हूँ किसान कहलाता मैं जग में अन्नदाता, रहता साथ अन्न के, मिले मुझे ये मुश्किलों से, मेहनत मेरी रोटी […]

तुमने कहा की मुसलमान गलत है हमने मान लिया तुमने कहा लॉकडाउन मे घर वापसी कर रहे मज़दूर गलत है कोरोना संक्रमण का कारण है हमने मान लिया तुमने कहा किसान आतंकवादी है ख़ालिस्तानी हमने […]

जो हल जोते, फसल उगाए उसे उसकी कीमत नहीं मिलती। जो मजदुर उत्पाद बनाए उसे उसकी कीमत नहीं मिलती। भूख और लाचारी का ऐसा आलम है अब जान सस्ती है रोटी नहीं। जात और धर्म […]

●थकान  ̄ ̄ ̄ ̄ किसान के पास फ़सल की बोरियां भरते वक्त बोरियां भर थकान भी होती है…. लेकिन वह नहीं भरता थकान की बोरियां…. क्योंकि- वह जानता है थकान खरीद सके उतना दम नहीं फ़सल खरीदने […]

चिड़ियों के चहचहाने से पहले, बैलो के रंभाने से पहले जो जाग जाता है, ये तो वही मेहनत का पुजारी किसान है| अन्न को उपजाने में जिसकी दिन-रात बहती लहू और जिसकी लगती जान है, […]

तुम खालिस्तानी हो या पाकिस्तानी उतारा सेना को तो पड़ जाएगी भारी सब्र ठहरा है इम्तिहान मत लेना खून बहे तो फिर किसान आंदोलन मत कहना पुलिस की जान को क्या तुमने समान समझा है […]

खेतों के सब बीज शज़र हो जाते हैं सरहद पर वीर अमर हो जाते हैं तुम वर्दी पहने मिट्टी साने क्या बतलाते हो हम भी इनके जैसे हैं ये दिखलाते हो, सीखो जरा लाल अटल […]

भूमिपुत्र किसान भाई, तुम जिद्द अपनी छोड़ दो धरना प्रदर्शन की दिशा भी घर की तरफ मोड़ दो देश पर मण्डरा रहे ख़तरे को गम्भीरता से भांप लो तुम्हारी आड़ में मचा आतंक अब तुम […]

खेतों से निकल कर सड़को पर क्यों उतर आना पड़ा, लाल किले पर उत्तेजित हो क्यों झण्डा लहराना पड़ा।। लेकर ट्रेक्टर रैली में बढ़ चढ़के क्यों डण्डा खाना पड़ा, रस्ते पर लगा टेण्ट रातों में […]

देखो देखो किसान है देश की रीड की हड्डी इनको ना तोड़ो तुम इन को मजबूत बनाओ तो देश मजबूत होगा इनको ना राजनीति की आग में मत झोंको किसान तो देश की अर्थव्यवस्था का […]

‘रेत पर लिख दो और लहरों के हवाले कर दो, आज इस साल की सब बन्द रिसालें कर दो.. इस नए साल में बाहर न कोई ढूंढे तुम्हे, मेरे रब तुम अगर दिलों को शिवाले […]

वही सागर का तट बालुकामय सतह। जहाँ आनन्द मनाया कुछ इस तरह।। खाया -खेला नाचा-गया। गीले बालुका पर अंगूठा घुमाया। कुछ इस तरह।। अंकित हुआ बीस सौ बीस। कितने दुखो के भरे हैं टीश।। सागर […]

खुशहाल रहे हर कोई कर सकें तुम्हारा बन्दन। महक उठे घर आँगन, हे नववर्ष! तुम्हारा अभिनन्दन।। दमक उठे जीवन जिससे वो मैं मलयज, गंधसार बनूँ ! उपवास करे जो रब का उस व्रती की मैं […]

समय की धीर लहरें बढ़े ही जा रही हैं, खुद में बीते दिनों को समाते जा रही हैं। जा रहा यह बरस अब वक्त के इस जलधि में, आ रहा नव-बरस है आज बिंदास गति […]

सन् 2020 को विदा करते हैं, दुःखो को खुद से जुदा करते हैं। खुशियाँ का खुल के आगमन, हर इक से चलो वफ़ा करते हैं। सन् 2020…… वक्त कट गया मुश्किल था जो, इसे भूल […]

अपनी त्रुटियों में करके सुधार उज्जवल बनाओ नया साल। आलस्य व नकारात्मकता को हे मानव जीवन से निकाल।। समय का न दुरपयोग कर यह पर्याप्त है रख ख्याल। स्वयं को नियंत्रित करके सहजता से जीवन […]

नए साल ने दस्तक दी है आओ इसको हग कर लें । मन तन वचन ध्यान से अपना सारा जग कर ले। बीत गया सो बीत गया कुछ सीख गए कुछ सिखा गया । कल […]

कालचक्र ने लिखा था एक रोज़ रेत पर उंगलियों के पोरों से, वह हस्तलेख मिट गया सागर की लहरों के थपेड़ों से… स्वागत है कर जोड़कर २०२१, खूँटी पर अब टाँग दी वैमनस्यता भरी कमीज… […]

नववर्ष आया है, झूमो, नामों सब खुशियाँ मनाओ, दहशत भरी 2020 की यादें को अब अलविदा कह जाओ | नई उमंगे, नई उम्मीदों के साथ अपना पग खुशहाली की ओर बढ़ाओ | बुरे वक्त में […]

उठती रहेगी इक लहर सागर से निरंतर जो समाहित कर लेगी हर पीड़ा जो दी बीते वर्ष ने हर बार होगी इक नईं हिलोर जो देगी हौंसला सतत् नवीन जीवन जीने की नववर्ष में।

आती जाती हैं ये लहरें, सिर्फ निशां छोड़ जाती है रेत के ऊपर हर पल नयी, कहानी ये लिख जाती है टकराकर किनारों से, हर पल नया उठना होगा बीस बीस के बाद इक्कीस की, […]

नववर्ष हो इतना सबल ना पीर चारों ओर हो, जिधर भी उठे नजर सर्वत्र पुष्प ही पुष्प हो.. यह लेखनी अविराम हो, हर पंक्ति में ऐसे भाव हों… जाग जाए यह जमीं और आसमां झुक […]

थमी हुई जिंदगी थमे हुए पल रुकती, चुकती सांसें उंगलियों की पोरों से छूटते रिश्तों के रेशमी धागे ठंडी, बेजान दीवारों से टकराते जीने, मरने, हंसने और रोने के पल कितना कुछ लिख गया गुज़रता […]

हे ईश्वर ! 2021 में ऐसा कुछ कमाल हो , गम सारे मिटे ,हर चेहरे पर मुस्कान हो , चारों तरफ से समृद्धि फैले , खुशहाल मेरा किसान हो कुछ ऐसा नया साल हो (1) […]

अब मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी 8 महीनेहो गई है कुछ जिद्दी, कुछ नकचढ़ी हो गई है अब मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी 8 महीने हो गई है अब अपनी हर बात मनवाने लगी है हर दिन नई – नई […]

मेरी सबसे 👌अच्छी दोस्त मेरी माँ है, मेरी माँ को 🎂 जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ 🎉🎈 ! माँ मुझे नहीं पता कि मैं आपके बच्चे के रूप में कितनी भाग्यशाली हूं, लेकिन मुझे ये पता […]

– ** कलयुग का रावण -** ********************* हे राम रमापति अजर अमर रावण से ठाना महासमर ले आए जग की जननी को अपनी प्रिय अर्धांगिनी को ..। वह रावण की मर्यादा थी नहीं नजर लगा […]